छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR,: छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण

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मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती उसकी निष्पक्ष, सटीक और अद्यतन मतदाता सूची पर निर्भर करती है। आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में त्रुटियों, दोहरे नामों और पात्र युवाओं के नाम छूटने जैसी कमियों को दूर करने पर जोर दे रहा है।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का फैसला
मतदाता सूची की जांच और सुधार को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की है। इसका उद्देश्य योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को अधिक सटीक बनाना है। इसी क्रम में छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभियान
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आदेश के अनुसार यह विशेष पुनरीक्षण अभियान अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा तथा सिक्किम में चलाया जाएगा। दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव अब एक संयुक्त केंद्र शासित प्रदेश हैं। इस तरह अभियान में कुल छह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
इन सभी क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तय समयसीमा का पालन करने और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
30 नवंबर को जारी होगी मसौदा सूची
आयोग ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए समयसारणी निर्धारित की है। इसके तहत संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 नवंबर को मसौदा यानी ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मसौदा सूची जारी होने के बाद आम नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या जरूरी संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
21 जनवरी 2027 को अंतिम सूची का प्रकाशन
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार दावों, संशोधन आवेदनों और आपत्तियों की जांच तथा उनका निस्तारण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को सुविधा
इस पुनरीक्षण अभियान में उन युवाओं को भी आवेदन की सुविधा दी गई है जो वर्ष 2027 में मतदान की निर्धारित उम्र यानी 18 वर्ष पूरी करने वाले हैं। आयोग के नियमों के मुताबिक, जो नागरिक 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, वे भी अग्रिम रूप से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्रता की तारीख आने पर युवाओं को मतदाता सूची में शामिल होने के लिए लंबा इंतजार करने से बचाना है।
मुख्य सचिवों को संसाधन जुटाने के निर्देश
पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि इस काम में कर्मचारियों या जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
BLO की तैनाती और तकनीकी व्यवस्था पर जोर
आयोग ने फील्ड स्तर पर पर्याप्त कर्मचारियों, बूथ स्तर के अधिकारियों यानी BLO की तैनाती और जरूरी तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसका उद्देश्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरा करना और मतदाता सूची को सही तथा अद्यतन बनाना है।








