सड़क हादसा: हाईवा की टक्कर से 20 वर्षीय युवक की मौत

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मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेमौरी–देवहरा मार्ग पर दोपहर करीब 1:30 बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। हाईवा और मोटरसाइकिल की जोरदार भिड़ंत में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते आक्रोश बढ़ा और लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, दामिनी कोल माइंस की ओर जा रहे हाईवा क्रमांक CG 10 BL 9095 और मोटरसाइकिल क्रमांक MP 18 ML 5248 के बीच टक्कर हुई। हादसे में संगमा निवासी 20 वर्षीय राजेंद्र कोल की जान चली गई। एक परिवार का चिराग बुझने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद सड़क पर उतरा आक्रोश
युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए आवागमन रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की तेज रफ्तार और कथित लापरवाही को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
जाम के चलते करीब 7 घंटे तक बेमौरी–देवहरा मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घुटनों के बल बैठकर एसडीओपी ने सुनी परिजनों की पीड़ा
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओपी विकास पाण्डेय एवं तहसीलदार मनोज सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए घुटनों के बल बैठकर शोकाकुल परिजनों को समझाया और उनकी बात सुनी।
अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद सड़क पर लगा जाम समाप्त हो सका।
अब उठ रहा बड़ा सवाल—भारी वाहनों की रफ्तार पर कब लगेगी लगाम?
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मार्ग पर भारी वाहनों की गति नियंत्रित की जाए और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने बेटे की जान न गंवानी पड़े।
एक ओर 20 वर्षीय युवक की मौत का गम, दूसरी ओर 7 घंटे तक सड़क पर आक्रोश और विरोध—बेमौरी–देवहरा मार्ग का यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल छोड़ गया है।

