गिरफ्तार छात्रों के लिए पुलिस थाने पहुंचे केजरीवाल: लापता छात्रों और घायलों को लेकर उठाए सवाल

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Simran Arora
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Anjali Patil
1 मिनट पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Aditya Verma
25 मिनट पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Kavya Mishra
1 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ishaan Tiwari
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Monika Das
2 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Kunal Rao
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Reyansh Joshi
2 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Aditya Verma
2 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Yash Kulkarni
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हजारों छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद मामला और अधिक राजनीतिक हो गया। पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है और विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है।
गिरफ्तार छात्रों के समर्थन में थानों पहुंचे केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए छात्रों के समर्थन में संसद मार्ग और मंदिर मार्ग थाना पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की। पार्टी के वकीलों की टीम भी छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में जुटी रही। केजरीवाल ने कहा कि किसी भी छात्र को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे, फिर भी उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। केजरीवाल ने सरकार से छात्रों की आवाज सुनने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं के आक्रोश को नजरअंदाज करना देश के भविष्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
लापता छात्रों और घायलों को लेकर उठाए सवाल
केजरीवाल ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बाद कई छात्रों का अब तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने घायलों से मिलने के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल का दौरा किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन से सभी हिरासत में लिए गए छात्रों की सूची सार्वजनिक करने और लापता छात्रों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह छात्रों की मूल मांग का समाधान नहीं है। उनके अनुसार असली सवाल परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का है। उन्होंने कहा कि केवल अदालतें बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।
छात्र आंदोलन को मिला विपक्ष का समर्थन
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार, सांसद सुप्रिया सुले तथा आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण दायरे में होने चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।





