Delhi’s 221-Foot Ravan: दिल्ली में तैयार हुआ 221 फुट ऊंचा रावण का पुतला

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
Ada khan
0 सेकंड पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Aditya Verma
13 मिनट पहलेIs update ka bahut intezaar tha.
Sai Mehta
1 घंटे पहलेEkdum sahi aur balanced news hai yeh.
Ritika Ghosh
1 घंटे पहलेKya koi aur khabar bhi aane wali hai is topic par?
Sneha Menon
3 घंटे पहलेBreaking news! Sabko is baare mein pata hona chahiye.
Aarav Sharma
3 घंटे पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Rohan Desai
5 घंटे पहलेYeh khabar sabko share karni chahiye!
दिल्ली में 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले की चर्चा
दशहरे के अवसर पर रावण दहन के लिए विशाल पुतले तैयार करने की परंपरा हर साल लोगों का ध्यान खींचती है। इस बार दिल्ली में 221 फुट ऊंचे रावण के एक पुतले की झलक सोशल मीडिया पर चर्चा में है। साझा की गई जानकारी के अनुसार, इसे दिल्ली के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में से एक बताया जा रहा है। इसकी असाधारण ऊंचाई और निर्माण से जुड़ी जानकारी लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही है। हालांकि, इसकी ऊंचाई और राजधानी के सबसे ऊंचे पुतले होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
रिपोर्ट के मुताबिक, अन्विका यादव ने इस विशाल पुतले का वीडियो साझा किया है। बताया गया है कि वह खुद मेले में गई थीं और वहां खड़े किए गए रावण की झलक रिकॉर्ड की थी। वीडियो में दिखाई देने वाली विशाल संरचना को देखकर लोग इसके आकार और निर्माण पर चर्चा कर रहे हैं। दशहरे से पहले इस तरह के पुतले लोगों के बीच उत्सुकता पैदा करते हैं, क्योंकि इनके निर्माण में बड़ी मात्रा में सामग्री, मेहनत और समय लगता है।
1000 से ज्यादा बांस और 60 टन लोहे के इस्तेमाल का दावा
पुतले के निर्माण को लेकर साझा की गई जानकारी में दावा किया गया है कि इसे तैयार करने में तीन महीने से अधिक समय लगा। इसके ढांचे में 1000 से ज्यादा बांस और लगभग 60 टन लोहे का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इतनी बड़ी संरचना को खड़ा करने के लिए योजना, निर्माण-कौशल और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। हालांकि, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और समय से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
38 लाख रुपये की लागत और वाटरप्रूफ होने की चर्चा
इस रावण के पुतले की लागत करीब 38 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही, इसे वाटरप्रूफ होने का दावा भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कुछ यूजर्स ने इसकी लागत को लेकर सवाल उठाए हैं और अनुमान लगाया है कि पुतला 38 लाख के बजाय 45 लाख रुपये में तैयार हुआ होगा। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की कि पुतला वाटरप्रूफ तो है, लेकिन ओलाप्रूफ नहीं। ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर लोगों की राय को दर्शाती हैं; वास्तविक लागत और वाटरप्रूफ होने की क्षमता की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
दशहरे से पहले विशाल पुतलों को लेकर बढ़ी उत्सुकता
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण दहन के आयोजन होते हैं। विशाल पुतले इन आयोजनों का प्रमुख आकर्षण बन जाते हैं। दिल्ली के इस पुतले को लेकर भी लोगों में उत्सुकता दिखाई दे रही है। इसकी वास्तविक ऊंचाई, लागत और निर्माण संबंधी दावों की पुष्टि होने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही झलक ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है।








