PM आवास घेराव में प्रियंका गांधी हिरासत में: हिरासत के दौरान प्रियंका का सरकार पर हमला
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Yash Kulkarni
13 मिनट पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Aditya Verma
21 मिनट पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Dev Kapoor
54 मिनट पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Aryan Malhotra
58 मिनट पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Aarohi Chaudhary
1 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Simran Arora
1 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Rohan Desai
1 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Aryan Malhotra
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ada khan
2 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ritika Ghosh
2 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Shruti Bajpai
2 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Arjun Singh
2 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ishaan Tiwari
2 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Pooja Reddy
2 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Rohan Desai
2 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Trapti Tanwar
4 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Diya Gupta
4 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Dev Kapoor
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ravi sinha
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Aarav Sharma
4 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Payal jadon
5 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Trapti Tanwar
6 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Navya Nair
6 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Harsh Pandya
6 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Ayaan Khan
7 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Simran Arora
7 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aryan Malhotra
7 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Anil Sen
7 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Diya Gupta
7 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
नई दिल्ली में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का आक्रामक तेवर देखने को मिला।राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के साथ प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया। मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
हिरासत के दौरान पुलिस कार्रवाई का विरोध
हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और बस में बैठाए जाने के बाद भी लगातार सरकार के खिलाफ अपनी बात रखती रहीं।मौके पर मौजूद मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है और उसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर जोरदार नारेबाजी भी होती रही।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
संसद और छात्रों के मुद्दे पर बयान
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद जनता और देश के युवाओं की आवाज उठाने का मंच है तथा छात्रों के मुद्दों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा तथा ठोस सुधार की आवश्यकता है।
छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया
हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस बसों के जरिए निर्धारित स्थान पर ले गई, जहां उन्हें कुछ समय तक रखा गया। बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और राजनीतिक हलकों में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
सियासत हुई और तेज
इस घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने की बात कही, जबकि सरकार ने दोहराया कि वह नियमों के तहत चर्चा और जांच के लिए तैयार है।


