Putra Yog Controversy: ‘पुत्र योग’ के दावे पर उठे सवाल

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh kahani kisi thriller movie se bilkul kam nahi.
Monika Das
26 मिनट पहलेInvestigation mein koi loophole zaroor hai.
Neha Tripathi
38 मिनट पहलेSach saamne aana chahiye, chahe kitna waqt lage.
Sneha Menon
2 घंटे पहलेIs rahasya ki tah mein kya chhupa hai, sochne par majboor kar diya.
Shruti Bajpai
3 घंटे पहलेIs rahasya ki tah mein kya chhupa hai, sochne par majboor kar diya.
Ravi sinha
4 घंटे पहलेSach saamne aana chahiye, chahe kitna waqt lage.
Ritika Ghosh
4 घंटे पहलेAur gehri jaanch honi chahiye is poore matter mein.
Shruti Bajpai
6 घंटे पहलेAur gehri jaanch honi chahiye is poore matter mein.
पुत्र योग’ के दावे पर सवाल उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी राजेंद्र कुमार ने दावा किया है कि वर्ष 2024 में बागेश्वर धाम में बनाए गए एक पर्चे में ‘पुत्र योग’ की बात लिखी गई थी। राजेंद्र के अनुसार, उनके परिवार में पहले से तीन बेटियां थीं और पर्चे में लिखी बात के बाद उन्होंने चौथे बच्चे की योजना बनाई। उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चौथी संतान के रूप में बेटी का जन्म राजेंद्र के मुताबिक, 11 जून 2026 को उनकी पत्नी ने चौथी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने पर्चे में लिखे कथित ‘पुत्र योग’ के दावे पर सवाल उठाया। विभिन्न रिपोर्टों में राजेंद्र के हवाले से यही जानकारी सामने आई है।
बागेश्वर धाम पहुंचकर जवाब मांगने का दावा राजेंद्र का कहना है कि 19 सितंबर 2026 को वह अपनी पत्नी और नवजात बेटी के साथ बागेश्वर धाम पहुंचे और पर्चे में लिखी बात को लेकर स्पष्टीकरण मांगने की कोशिश की। उनके अनुसार, वहां उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क मामले के बाद राजेंद्र ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया है। रिपोर्टों के अनुसार, समिति की सलाह पर वह झांसी में औपचारिक पुलिस शिकायत की तैयारी कर रहे हैं। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस विशेष मामले पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए पर्चे और उससे जुड़े आरोपों को फिलहाल संबंधित व्यक्ति के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दंपती की अपील राजेंद्र ने कथित घटना के आधार पर लोगों से अंधविश्वास से बचने और जागरूक रहने की अपील की है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि उन्होंने अपनी चौथी बेटी के प्रति किसी नाराजगी से इनकार किया है और उसकी पढ़ाई-लिखाई पर जोर देने की बात कही है।






