NEET पेपर लीक पर पीएम आवास तक मार्च: राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

Vaishali shinde
2 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aditya Verma
2 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Anjali Patil
3 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pranav Srivastava
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Myra Dubey
5 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anil Sen
5 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Diya Gupta
5 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Nisha Shah
6 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Saanvi Pandey
6 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sai Mehta
6 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Payal jadon
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Vihaan Patel
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Taushif Shekh
8 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Dhruv Bhatt
8 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Trapti Tanwar
8 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ananya Sharma
8 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ayaan Khan
9 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sneha Menon
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vivaan Gupta
10 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Trapti Tanwar
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
पीएम आवास की ओर विपक्ष का मार्च, दिल्ली में बढ़ी हलचल
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने राजधानी दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संसद सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी रही।
राहुल, प्रियंका और कई विपक्षी नेता हिरासत में
प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्रवाई की। कुछ समय बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। हिरासत के दौरान भी विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस का आरोप है कि पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। नेताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ न्याय होना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई गई। प्रदर्शन के दौरान यही मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
जंतर-मंतर की कार्रवाई के विरोध में बढ़ा आंदोलन
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई ने लोगों में नाराजगी बढ़ाई है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। इसी विरोध के तहत प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला गया। नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। छात्र संगठनों ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
सरकार बोली- संसद में चर्चा के लिए तैयार
सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह संसद में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसी भी सवाल से पीछे नहीं हटेगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात दोहराई। साथ ही विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील भी की।
भाजपा का पलटवार, छात्रों को राजनीति से दूर रखने की अपील
भाजपा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। भाजपा ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक टकराव जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मानसून सत्र का प्रमुख विषय बना रह सकता है। सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं।







