Bihar CM Statement: सम्राट चौधरी के बयान पर चर्चा तेज
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Nisha Shah
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Pihu Agarwal
5 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके संबोधन का वीडियो सामने आया है। इसमें मुख्यमंत्री ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के टेंट में रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण का जिक्र किया। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
‘प्रभु श्रीराम भी इंतजार कर रहे थे कि मोदी जी हमें घर कब देंगे’
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने कहा कि देश में जब करोड़ों लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की बात हो रही थी, तब प्रभु श्रीराम भी टेंट में इंतजार कर रहे थे कि उन्हें कब घर मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग पांच करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए जाने का उल्लेख करते हुए राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को भी इससे जोड़ा।
मुख्यमंत्री के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा, “तो प्रभु श्रीराम भी इंतजार कर रहे थे कि मोदी जी हमको घर कब दोगे।” इसी टिप्पणी के बाद उनका संबोधन चर्चा में आ गया।
राम मंदिर निर्माण और न्यायालय की लड़ाई का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने अपने भाषण में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चली लंबी कानूनी प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी गई और इसके बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता प्रशस्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद राम मंदिर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उनके संबोधन में राम मंदिर से जुड़े लंबे विवाद और उसके कानूनी घटनाक्रम का उल्लेख प्रमुखता से सामने आया।
भाजपा के एजेंडे और राम मंदिर पर क्या कहा?
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भाजपा के मूल एजेंडे और राम मंदिर निर्माण के विषय पर भी टिप्पणी की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्णय पार्टी के मूल एजेंडे में नहीं था, लेकिन प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़ा मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में था और पार्टी ने इसके लिए अदालत में लड़ाई लड़ी।
इस टिप्पणी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है। हालांकि, उनके बयान के पूरे संदर्भ और कार्यक्रम में कही गई अन्य बातों को ध्यान में रखकर ही इसका अर्थ समझना उचित होगा।
सोशल मीडिया पर मिल रहीं अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनकी टिप्पणी को राजनीतिक बयान के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने भगवान श्रीराम के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जताई है। कुछ प्रतिक्रियाओं में इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर आलोचना भी की जा रही है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर व्यक्त की जा रही प्रतिक्रियाएं अलग-अलग लोगों की राय हैं। इस बयान को लेकर किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरा वीडियो, संबोधन का संदर्भ और मुख्यमंत्री के कथन को समझना जरूरी है।
पटना में आयोजित हुआ था ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। पटना के ज्ञान भवन और ऐतिहासिक गांधी मैदान में भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से सेवा और राष्ट्र से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसमें हिस्सा लिया और संबोधन दिया।
फिलहाल, उनके संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बयान को लेकर उठ रहे सवालों और प्रतिक्रियाओं के बीच पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ में देखा जा रहा है।






