बिहार बंद हिंसा केस में तेज प्रताप गिरफ्तार: तेज प्रताप यादव 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Navya Nair
1 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Nidhi kumari
1 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vivaan Gupta
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ishaan Tiwari
1 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Harsh Pandya
1 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Trapti Tanwar
2 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Trapti Tanwar
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Yash Kulkarni
3 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Aarav Sharma
4 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Sneha Menon
4 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Yash Kulkarni
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Kavya Mishra
4 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Arjun Singh
5 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Anika Rajput
5 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aarav Sharma
5 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Diya Gupta
6 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Pooja Reddy
6 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Ishaan Tiwari
6 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dev Kapoor
6 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sonu rai
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vaishali shinde
7 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Krishna Yadav
7 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Trapti Tanwar
7 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Rohan Desai
7 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anika Rajput
8 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Vaishali shinde
9 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
पटना में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान हुए प्रदर्शन के बाद जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि गांधी मैदान के पास प्रदर्शन के दौरान उनके भाषण और मौजूदगी से भीड़ उग्र हुई तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इसके बाद देर रात उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का दावा- हिंसा भड़काने और सरकारी काम में बाधा
पटना पुलिस के अनुसार बिहार बंद के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, तोड़फोड़ और सड़क जाम की घटनाएं हुईं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तेज प्रताप यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और भीड़ को उकसाने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है।
मॉल से गिरफ्तारी, आधी रात कोर्ट में पेशी
रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती हिरासत के बाद तेज प्रताप यादव को देर शाम पटना के एक मॉल से दोबारा गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें रात में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें बेऊर केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
वकीलों ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव के वकीलों ने पुलिस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि गिरफ्तारी बिना उचित प्रक्रिया के की गई तथा एफआईआर और कानूनी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। बचाव पक्ष ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल करने की बात कही है और पूरे मामले को राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
बिहार की राजनीति गरमाई
गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा और हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
NEET विवाद से जुड़ा आंदोलन बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ने इस आंदोलन को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। अब सभी की नजर आगे की न्यायिक प्रक्रिया और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।







