अभिषेक बनर्जी हमला केस में नया खुलासा: गिरफ्तार आरोपियों के सामने आए टीएमसी कनेक्शन

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Priya Iyer

Priya Iyer

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Kavya Mishra

Kavya Mishra

0 सेकंड पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

3 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Ravi sinha

Ravi sinha

4 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के कथित राजनीतिक संबंधों ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, हमले के आरोप में गिरफ्तार किए गए कई आरोपी पहले टीएमसी से जुड़े नेताओं के करीबी माने जाते रहे हैं, जिससे मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

 

पूर्व टीएमसी नेताओं से जुड़े बताए जा रहे आरोपी
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती, निर्मल्या सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता शामिल हैं। सूत्रों का दावा है कि ये सभी कभी टीएमसी की पूर्व विधायक अरुंधति मैत्रा (लवली मैत्रा) के नजदीकी माने जाते थे। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन राजनीतिक संबंधों का हमले से कोई सीधा संबंध है या नहीं।

 

‘मेरा बेटा टीएमसी कार्यकर्ता था’ – आरोपी की मां का दावा
मामले में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी आकाश गायेन की मां ने दावा किया है कि उनका बेटा तृणमूल कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता था और चुनावों के दौरान पार्टी के बूथों पर नियमित रूप से काम करता था। उन्होंने कहा कि आकाश की अभिषेक बनर्जी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी और घटना के बाद वह सामान्य रूप से घर लौटा था। परिवार का कहना है कि पुलिस ने बिना स्पष्ट जानकारी दिए उसे हिरासत में ले लिया।

 

सोनारपुर दौरे के दौरान हुआ था हमला
यह घटना दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर क्षेत्र में हुई, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ के एक समूह द्वारा कथित रूप से उन पर हमला किया गया। घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई और विभिन्न राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए।

 

पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर की गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना स्थल के वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रातभर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के राजनीतिक, सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि हमले के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके।

 

ममता बनर्जी ने हमले को बताया सुनियोजित साजिश
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले को गंभीर साजिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पुलिस अधिकारियों द्वारा अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया गया ताकि अभिषेक को जल्द डिस्चार्ज किया जा सके।

 

अस्पताल प्रबंधन पर दबाव के आरोप
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दक्षिण कोलकाता के डीसीपी और भाजपा से जुड़े कुछ लोगों द्वारा डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को फोन किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अभिषेक की स्थिति सामान्य थी तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया और फिर अचानक छुट्टी क्यों दे दी गई। फिलहाल अभिषेक का इलाज घर पर चल रहा है, जहां आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

 

राहुल गांधी को धन्यवाद, बीजेपी पर साधा निशाना
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा संदेश जारी कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन और चिंता व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और संस्थाओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

 

कल्याण बनर्जी पर कथित हमले से बढ़ी सियासी गर्मी
इसी बीच हुगली जिले में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के साथ कथित धक्का-मुक्की और हमले की घटना ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। कल्याण बनर्जी ने इस घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के वीडियो फुटेज की समीक्षा की जा रही है।

 

जांच पर टिकी सभी की नजरें
अभिषेक बनर्जी हमला मामला अब केवल एक हिंसक घटना नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के कथित राजनीतिक संबंधों और विभिन्न दलों के आरोपों के बीच पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने निष्पक्ष जांच की बड़ी चुनौती है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य इस मामले की दिशा तय कर सकते हैं।

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Priya Iyer

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

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Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Kavya Mishra

Kavya Mishra

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Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 घंटे पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Vaishali shinde

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3 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Ravi sinha

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4 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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