ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI का बड़ा एक्शन: 80 किलो की डमी से किया गया क्राइम सीन रीक्रिएशन

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Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

0 सेकंड पहले

Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

11 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

1 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

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भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक अहम कदम उठाया है। जांच के तहत CBI और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम उस कमरे में पहुंची, जहां अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल पर क्राइम सीन का विस्तृत रीक्रिएशन किया गया।

 

80 किलो की डमी, बेल्ट और फंदे का किया गया इस्तेमाल
जांच एजेंसियों ने घटनाक्रम को समझने के लिए करीब 80 किलो वजनी डमी पुतले का उपयोग किया। बताया गया कि उसी प्रकार के बेल्ट और फंदे का इस्तेमाल किया गया, जिनका उल्लेख अब तक की जांच में सामने आया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की परिस्थितियों को दोबारा निर्मित कर यह परखने की कोशिश की कि घटनाएं वास्तव में किस प्रकार घटी होंगी।

 

बयानों और साक्ष्यों का किया गया मिलान
सूत्रों के अनुसार, रीक्रिएशन के दौरान जांच अधिकारियों ने घटनाक्रम को क्रमवार दोहराया और अब तक दिए गए बयानों की घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ तुलना की। इस दौरान कई तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं का परीक्षण किया गया, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

 

पति और सास को लेकर घर पहुंची थी CBI
गौरतलब है कि 29 मई को CBI ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लिया था। 1 जून को दोनों को जांच टीम उनके घर लेकर पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराया गया। अधिकारियों ने यह समझने का प्रयास किया कि ट्विशा को फंदे से नीचे कैसे उतारा गया था और उस समय की परिस्थितियां क्या थीं।

 

रिमांड समाप्त, आगे नहीं मांगी गई हिरासत
दोनों आरोपियों की पांच दिन की रिमांड 2 जून को समाप्त हो गई। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद CBI ने अदालत से आगे की हिरासत नहीं मांगी। इसके बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया गया, जहां मामले को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे सामने आए।

 

कोर्ट में गिरिबाला सिंह का मीडिया ट्रायल पर सवाल
कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह ने स्वयं अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले का मीडिया ट्रायल बंद होना चाहिए और यह भी सवाल उठाया कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान मीडिया को फुटेज कैसे और किसने उपलब्ध कराए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें उनके घर से कुछ दूरी पहले उतारा गया, जबकि जांच टीम सीधे घर तक जा सकती थी।

 

जांच के निष्कर्षों पर टिकी सबकी नजर
ट्विशा शर्मा मौत मामला प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। CBI द्वारा किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन और फॉरेंसिक परीक्षणों के बाद अब सभी की निगाहें जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि वैज्ञानिक विश्लेषण और तकनीकी जांच से मामले के कई अहम सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।   

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Aarohi Chaudhary

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Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Shruti Bajpai

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Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Neha Tripathi

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Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Kavya Mishra

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11 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Saanvi Pandey

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1 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

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