CJP Mumbai Protest: मुंबई से CJP ने क्यों शुरू किया विरोध प्रदर्शन

Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Sneha Menon
19 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Tanya Bajaj
36 मिनट पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ada khan
3 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neha Tripathi
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Pooja Reddy
4 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sneha Menon
4 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Neha Tripathi
6 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
मुंबई से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आंदोलन की शुरुआत मुंबई से करने का ऐलान किया है। CJP ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की थी। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात कही।
मुंबई को क्यों चुना गया
अभिजीत दीपके ने मुंबई को आंदोलन की शुरुआत के लिए चुनने की वजह महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच अंतर को बताया। उनके मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में बीजेपी ने 9 सीटें जीती थीं, जबकि करीब छह महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसी बदलाव को लेकर CJP ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े सवाल उठाए हैं।
CEC और चुनाव प्रक्रिया को लेकर CJP के सवाल
CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। संगठन ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और पहले की मतदाता सूची बहाल करने समेत कई मांगें रखी हैं। CJP ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव की मांग भी उठाई है। ये संगठन की मांगें और आरोप हैं; चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर अलग आधिकारिक पक्ष भी सामने आया है।
राहुल गांधी से क्या है संबंध
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे। CJP के आंदोलन में भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभिजीत दीपके और राहुल गांधी के बीच किसी औपचारिक राजनीतिक संबंध या संगठनात्मक जुड़ाव की पुष्टि नहीं होती। इसलिए दोनों के मुद्दों में समानता को सीधे राजनीतिक संबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता।
गांधी जयंती पर आंदोलन की वजह
CJP ने गांधी जयंती के दिन आंदोलन करने का फैसला महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन और विरोध की परंपरा से जोड़कर बताया है। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क में अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया। मुंबई पुलिस ने वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन करने की सलाह दी थी।
अन्य शहरों में भी आंदोलन की घोषणा
अभिजीत दीपके ने कहा है कि मुंबई के बाद CJP का आंदोलन गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन ने कहा है कि उसका आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी रहेगा।
शिवाजी महाराज को लेकर विवाद
CJP के प्रदर्शन से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने अभिजीत दीपके पर छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप लगाया है। यह आरोप मंत्री की ओर से लगाया गया है; इसे स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इस विवाद ने आंदोलन के राजनीतिक मुद्दों के साथ महाराष्ट्र में अलग बहस भी खड़ी कर दी है।








