महाराष्ट्र में भारी भूस्खलन से सड़क बंद: सतारा-रत्नागिरी मार्ग पूरी तरह बंद

सतारा-रत्नागिरी मार्ग पूरी तरह बंद
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Kavya Mishra

Kavya Mishra

4 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

8 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

8 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Monika Das

Monika Das

10 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

11 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aditya Verma

Aditya Verma

11 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Arjun Singh

Arjun Singh

12 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

12 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

13 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

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महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रघुवीर घाट पर एक बार फिर बड़ा भूस्खलन हुआ है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरने के कारण रत्नागिरी-सतारा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है। भूस्खलन के बाद घाट से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। सड़क पर बड़ी चट्टानों और मलबे का ढेर जमा होने से रास्ता साफ करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बारिश और घने कोहरे के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखते हुए मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।


घाट में एसटी बस समेत वाहन फंसे
भूस्खलन के अचानक होने के कारण घाट मार्ग पर कई वाहन फंस गए हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार खेड की ओर जा रही राज्य परिवहन की एक एसटी बस भी घाट के बीच फंस गई है। बस में यात्रियों के साथ छात्र और महिलाएं भी सवार होने की जानकारी सामने आई है। भारी बारिश और मलबे के कारण बस को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। राहत टीमों के लिए भी मौके तक पहुंचना आसान नहीं है क्योंकि सड़क पर बड़े पत्थर और मिट्टी जमा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


15 से 20 गांवों का संपर्क प्रभावित
रघुवीर घाट मार्ग बंद होने से आसपास के करीब 15 से 20 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। मुख्य सड़क पर यातायात रुकने के कारण इन गांवों से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के काम, रोजगार, शिक्षा और जरूरी सामान की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में दूध, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश के बीच सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मार्ग को सुरक्षित तरीके से खोलने और प्रभावित लोगों की आवाजाही बहाल करने की है।

 

बड़ी चट्टानों ने राहत कार्य बढ़ाया मुश्किल
भूस्खलन के बाद सड़क पर गिरी बड़ी-बड़ी चट्टानें मलबा हटाने के काम में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से रास्ता साफ करने में जुटे हैं। कुछ भारी चट्टानों को हटाने के लिए ब्रेकर मशीनों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से दोबारा मिट्टी या पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में राहतकर्मी अतिरिक्त सावधानी के साथ मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले पहाड़ी और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करना भी जरूरी होगा।


यात्रियों को रघुवीर घाट से बचने की सलाह
रघुवीर घाट में भूस्खलन के बाद प्रशासन की ओर से लोगों को इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान घाट क्षेत्र में अचानक भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना रह सकता है। वाहन चालकों को प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने और संभव होने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा गया है। खासकर पर्यटकों और निजी वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम साफ होने और सड़क सुरक्षित होने तक इंतजार करना बेहतर होगा। राहत कार्य पूरा होने के बाद ही मार्ग पर यातायात सामान्य होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों से भी किसी जोखिम वाले क्षेत्र के पास जाने से बचने की अपील की गई है।


लगातार बारिश से कोंकण क्षेत्र में खतरा बढ़ा
रत्नागिरी और आसपास के कोंकण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। रघुवीर घाट पर ताजा घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान घाट मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। लोगों को बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब रहने तक सड़क की स्थिति अचानक बदल सकती है और नए स्थानों पर भी मलबा आने की संभावना बनी रहती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना यात्रियों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

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Kavya Mishra

Kavya Mishra

4 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

6 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Nidhi kumari

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7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ayaan Khan

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8 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Reyansh Joshi

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8 घंटे पहले

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10 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Kabir Shukla

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11 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aditya Verma

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11 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Arjun Singh

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12 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Yash Kulkarni

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12 घंटे पहले

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Harsh Pandya

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13 घंटे पहले

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