सोनापुर में मिनीबस और ट्रक की भीषण टक्कर: हादसे में 7 लोगों की मौत

Navya Nair
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aarohi Chaudhary
8 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Arjun Singh
8 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Dev Kapoor
10 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Neel Saxena
11 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ananya Sharma
13 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सोनापुर इलाके में नेशनल हाईवे-27 पर रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। टेटेलिया-नलगेदेरा क्षेत्र के पास यात्रियों से भरी एक मिनीबस और सामने से आ रहे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में शुरुआती तौर पर 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और घायलों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) ले जाया गया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बड़े गड्ढे में आने से फटा बस का टायर
शुरुआती जानकारी के अनुसार मिनीबस नगांव से गुवाहाटी की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे-27 पर सड़क में मौजूद एक बड़े गड्ढे के संपर्क में आने के बाद मिनीबस का टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार में बस बेकाबू हो गई। अनियंत्रित मिनीबस डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी दिशा से आ रहे ट्रक के सामने पहुंच गई। इसके बाद दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिनीबस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब हादसे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रहा है।
अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और मौत
हादसे के बाद घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां गंभीर स्थिति वाले यात्रियों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन उपचार के दौरान तीन और घायल यात्रियों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या सात हो गई है। अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है और कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से दुर्घटना में प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सड़क की खराब हालत को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद नेशनल हाईवे-27 की सड़क की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर लंबे समय से कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनकी वजह से वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क के गड्ढों की मरम्मत कर दी जाती तो इस तरह के हादसे को टाला जा सकता था। दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासियों में काफी नाराजगी देखने को मिली और लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के खिलाफ विरोध जताया। स्थानीय लोगों ने हाईवे की तत्काल मरम्मत और खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की। प्रशासन ने मामले की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय लोगों ने जाम कर जताया विरोध
भीषण दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर एकत्र हो गए। लोगों ने हाईवे की खराब स्थिति और गड्ढों को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ नाराजगी जताई। विरोध के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने दुर्घटना की जानकारी जुटाने के साथ सड़क पर यातायात व्यवस्था को भी सामान्य कराया। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाईवे की नियमित निगरानी, गड्ढों की मरम्मत और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
हादसे ने फिर बढ़ाई सड़क सुरक्षा की चिंता
सोनापुर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने असम में सड़क सुरक्षा और हाईवे के रखरखाव को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। एक छोटे से गड्ढे के कारण वाहन का टायर फटने और चालक के नियंत्रण खोने की शुरुआती जानकारी सामने आने के बाद सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। हादसे में सात लोगों की मौत और कई यात्रियों के घायल होने से प्रभावित परिवारों में मातम का माहौल है। पुलिस दुर्घटना के तकनीकी और अन्य कारणों की जांच कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसे में सड़क की स्थिति, वाहन की गति या किसी अन्य कारण की कितनी भूमिका रही। प्रशासन की जिम्मेदारी अब घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता देने की है। साथ ही हाईवे पर ऐसे खतरनाक गड्ढों को जल्द ठीक करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।






