दिल्ली कूच पर अड़े किसान, शंभू बॉर्डर सील: किसानों के मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर
Reyansh Joshi
1 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sonu rai
2 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Kavya Mishra
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Monika Das
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ananya Sharma
5 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Harsh Pandya
5 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Navya Nair
5 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Harsh Pandya
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Priya Iyer
7 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aryan Malhotra
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarohi Chaudhary
8 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ishaan Tiwari
8 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान संगठनों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में किसान पंजाब से हरियाणा के रास्ते राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं।किसानों के मार्च को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है। सीमा पर भारी संख्या में पुलिस, अर्धसैनिक बल और दंगा नियंत्रण दल तैनात किए गए हैं।कंक्रीट बैरिकेड, लोहे की कीलें, कंटेनर और सुरक्षा अवरोध लगाकर किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की तैयारी की गई है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के जिलों में भी निगरानी बढ़ा दी है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
किसान संगठनों का रुख बरकरार
किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार तक रखने की बात दोहराई है।संगठनों ने किसानों से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील भी की है।
यातायात पर पड़ सकता है असर
शंभू बॉर्डर और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बंदोबस्त के कारण यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित की जा सकती है।प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है।
सरकार और किसानों के बीच नजरें वार्ता पर
किसानों के दिल्ली कूच के बीच सभी की नजरें सरकार और किसान संगठनों के बीच संभावित बातचीत पर टिकी हैं। यदि वार्ता सफल होती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है।फिलहाल शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।






