Kanpur Graveyard Encroachment Action: कानपुर में कब्रिस्तान पर बुलडोजर कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में 19 सितंबर 2026 को कानपुर विकास प्राधिकरण यानी KDA ने सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। मामला बरी गांव की आराजी संख्या 314 से जुड़ा है, जहां करीब 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माण किए गए थे। KDA की टीम सुबह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन के अनुसार संबंधित पक्ष को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। इसके बाद बाउंड्री वॉल और उसके भीतर बने निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस, PAC और महिला पुलिस बल भी तैनात रहा।
KDA ने सरकारी जमीन पर कब्जे का बताया मामला
KDA के अनुसार जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह प्राधिकरण की सरकारी जमीन है और वहां मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की ओर से बाउंड्री वॉल तथा कमरों समेत अन्य निर्माण किए गए थे। प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्ष को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया था। KDA का कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन के मुताबिक संबंधित पक्ष को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर भी दिया गया था। इसके बाद KDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर कथित अतिक्रमण को हटाया और जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई की।
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई
इस मामले को लेकर संबंधित पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद KDA ने कार्रवाई आगे बढ़ाई। प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस और जवाब का अवसर दिया गया था तथा संबंधित पक्ष को अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए भी समय दिया गया। KDA की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की मौजूदगी में बाउंड्री वॉल और कथित अतिक्रमण वाले निर्माण को हटाया गया। प्रशासन ने कार्रवाई को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताया है।
प्रशासन ने कहा, कब्रों को नहीं हटाया गया
कार्रवाई को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि KDA के अनुसार कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज जमीन के हिस्से में मौजूद कब्रों को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई सरकारी जमीन पर बने कथित अतिक्रमण, बाउंड्री वॉल और उसके ऊपर या आसपास किए गए निर्माण तक सीमित रही। NDTV और Aaj Tak की रिपोर्टों में भी KDA के इस पक्ष का उल्लेख है। प्रशासन के मुताबिक जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की गई और कब्जे वाले हिस्से को हटाया गया। इस दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और PAC की तैनाती रही।
मुस्लिम पक्ष ने कार्रवाई का किया विरोध
KDA की कार्रवाई के बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से इसका विरोध भी किया गया। रिपोर्टों के अनुसार मुस्लिम पक्ष का कहना है कि इस स्थान पर लंबे समय से कब्रिस्तान मौजूद है और वहां लोगों को दफनाया जाता रहा है। पक्ष की ओर से कार्रवाई की सूचना और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं तथा आगे कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही गई है। दूसरी ओर KDA का कहना है कि कार्रवाई सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार की गई है। इसलिए मामले में प्रशासन के दावे और मुस्लिम पक्ष के दावे अलग-अलग हैं और इन्हें उसी रूप में रिपोर्ट करना उचित है।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया निर्माण
कब्रिस्तान से जुड़े संवेदनशील मामले को देखते हुए KDA की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। मौके पर पुलिस के साथ PAC और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कानून-व्यवस्था पर नजर रखी गई। KDA ने कार्रवाई के लिए पहले ही पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। कार्रवाई के बाद प्रशासन ने कथित अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाकर सरकारी जमीन को अपने कब्जे में लेने की बात कही है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन और संबंधित पक्ष के दावों के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए खबर को सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के रूप में रिपोर्ट किया जाना अधिक सटीक है।







