Delhi DemolitionDrive: सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्ती बढ़ी

Ananya Sharma
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Aditya Verma
11 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Pooja Reddy
11 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Yash Kulkarni
14 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ayaan Khan
14 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ananya Sharma
16 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Vivaan Gupta
17 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Tanya Bajaj
18 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला निजी हॉस्टल इमारत ढहने और सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में अनधिकृत और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ MCD ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा के बाद PG और छात्र-बहुल इलाकों में विशेष निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ MCD अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई करने और PG भवनों के रिकॉर्ड की जांच करने को कहा है। हादसे के बाद MCD ने आसपास की जर्जर इमारतों को भी खाली कराने और कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की है।
1 जून से 8 सितंबर तक 1,007 संपत्तियों पर कार्रवाई
MCD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 8 सितंबर 2026 के बीच राजधानी में 1,007 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई और 471 संपत्तियों को सील किया गया। इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण से जुड़े 1,551 शो-कॉज नोटिस, सीलिंग से संबंधित 714 नोटिस और 753 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। केवल 1 से 8 सितंबर के बीच 48 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण और 15 पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। इसलिए 1,007 का आंकड़ा केवल सत्य निकेतन हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि जून से 8 सितंबर तक की कुल कार्रवाई को दर्शाता है।
छात्र बहुल इलाकों में विशेष निगरानी
MCD की कार्रवाई राजधानी के अलग-अलग जोन में जारी है, जिसमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करोल बाग, करमपुरा, राजौरी गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे इलाके शामिल हैं। इनमें कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां बड़ी संख्या में छात्र और किराएदार रहते हैं। प्रशासन का फोकस ऐसे भवनों पर है जहां ऊंचाई, मंजिलों की संख्या या निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका है। अधिकारियों को PG हब में भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
करीब 1,100 PG का सर्वे, 20 हजार से ज्यादा छात्र
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली के अलग-अलग छात्र बहुल इलाकों में करीब 1,100 PG आवासों का सर्वे किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन PG में करीब 20,250 छात्र रह रहे हैं। सर्वे के दौरान अनधिकृत निर्माण, भवन की स्थिति और नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है। उपराज्यपाल ने PG हब की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया है। सरकार अब PG आवासों की सुरक्षा और नियमन को लेकर नए नियमों पर भी काम कर रही है।
सत्य निकेतन हादसे में पांच MCD अधिकारी निलंबित
सत्य निकेतन की पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने दक्षिणी जोन के पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर के साथ सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। हादसे की जांच में इमारत में अतिरिक्त निर्माण, बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर कथित मरम्मत कार्य तथा सुरक्षा मानकों से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन अब भवनों की निगरानी और नियमों के पालन में लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दे रहा है।
PG और अवैध निर्माण पर नियम सख्त करने की तैयारी
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार PG आवासों को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नियमन की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत PG को लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस और संरचनात्मक एवं अग्नि सुरक्षा से जुड़े NOC की जरूरत हो सकती है। प्रत्येक PG को पंजीकरण संख्या देने और सार्वजनिक पोर्टल पर उसकी जानकारी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। इसके साथ CCTV, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार वार्डन जैसी व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। यानी MCD की मौजूदा कार्रवाई के साथ सरकार अब छात्र आवासों की सुरक्षा के लिए नियामक ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।





