clean Air day: 26 शहरों में PM10 40% से ज्यादा घटा

26 शहरों में PM10 40% से ज्यादा घटा
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Dev Kapoor

Dev Kapoor

10 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ada khan

Ada khan

11 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Arjun Singh

Arjun Singh

11 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

11 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

13 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

13 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

14 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Diya Gupta

Diya Gupta

15 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Priya Iyer

Priya Iyer

15 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

16 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

16 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

17 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

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नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस फॉर ब्लू स्काइज के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्वच्छ वायु दिवस 2026 का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी NCAP के तहत वायु गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी प्रगति सामने रखी गई। मंत्रालय के अनुसार 2025-26 में NCAP के तहत शामिल 130 शहरों में से 108 शहरों में 2017-18 के आधार वर्ष की तुलना में वार्षिक PM10 सांद्रता में कमी दर्ज की गई। यह आंकड़ा देश के कई शहरों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों के असर को दर्शाता है, हालांकि सभी शहर अभी राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों के भीतर नहीं आए हैं।


72 शहरों में 20 फीसदी से ज्यादा कमी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 108 शहरों में PM10 स्तर में कमी दर्ज होने के अलावा 72 शहर ऐसे रहे जहां 2017-18 के मुकाबले वार्षिक PM10 सांद्रता में 20 फीसदी से ज्यादा की कमी आई। वहीं 26 शहरों ने 40 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की। सरकार के अनुसार 2025-26 में 14 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सफल रहे, जबकि 2017-18 में ऐसे शहरों की संख्या छह थी। हालांकि PM10 में कमी और निर्धारित मानक हासिल करना दो अलग-अलग बातें हैं, इसलिए केवल प्रतिशत कमी के आधार पर किसी शहर को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त मानना सही नहीं होगा।


स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के पुरस्कार प्रदान
स्वच्छ वायु दिवस 2026 के कार्यक्रम में 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों के जरिए NCAP के तहत वायु प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा के लिए बेहतर काम करने वाले शहरों और वार्डों को सम्मानित किया गया। मंत्रालय ने शहरों के स्तर पर अपनाई गई प्रभावी व्यवस्थाओं और उपायों को सामने लाने के लिए NCAP के तहत बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज का एक संकलन भी जारी किया। इसका उद्देश्य सफल उपायों को दूसरे शहरों में अपनाने के लिए साझा करना है।

 

लखनऊ ने बड़े शहरों की श्रेणी में किया शीर्ष प्रदर्शन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की उपलब्ध रैंकिंग के अनुसार 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने 198 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि भोपाल और आगरा भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों में शामिल रहे। सर्वेक्षण में शहरों के वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों और स्वच्छ वायु कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन किया गया।


प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहरों में कई उपाय
NCAP के तहत शहरों में वायु प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। इनमें सड़क और मिट्टी की धूल को नियंत्रित करना, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना, कचरा जलाने पर रोक, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना और हरित क्षेत्र बढ़ाना शामिल है। सरकार के अनुसार 130 शहरों के लिए सिटी स्पेसिफिक क्लीन एयर एक्शन प्लान तैयार किए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के आधार पर कार्रवाई की जा सके।


सुधार के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती बरकरार
सरकारी आंकड़ों में कई शहरों में PM10 के स्तर में सुधार दिखाई दे रहा है, लेकिन वायु प्रदूषण की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। अगस्त 2026 में सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक 2025-26 में 108 शहरों में PM10 में कमी आई, लेकिन इनमें से केवल 14 शहर ही राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा कर सके। इससे साफ है कि प्रदूषण नियंत्रण में सुधार के बावजूद शहरों को लगातार निगरानी और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। स्वच्छ वायु दिवस के कार्यक्रम में भी स्थानीय निकायों से पूरे समाज को साथ लेकर वायु प्रदूषण के खिलाफ लगातार काम करने पर जोर दिया गया।

 

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Dev Kapoor

Dev Kapoor

10 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Ada khan

Ada khan

11 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Arjun Singh

Arjun Singh

11 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Tanya Bajaj

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11 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Sonu rai

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13 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Shruti Bajpai

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13 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Kavya Mishra

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14 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Diya Gupta

Diya Gupta

15 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Priya Iyer

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15 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ravi sinha

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16 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Harsh Pandya

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16 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

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17 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

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