Verdict in Vivek Tiwari case today: विवेक तिवारी केस में आज फैसला

Neha Tripathi
10 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sai Mehta
10 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ada khan
11 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarav Sharma
12 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Rohan Desai
13 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Anika Rajput
16 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Nisha Shah
17 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद आज अदालत अपना फैसला सुना सकती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मल्खान सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई लंबे समय से चल रही थी। विवेक तिवारी की 2018 में पुलिसकर्मी की गोली लगने से मौत हुई थी। मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था और अब 17 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाए जाने की रिपोर्ट है।
2018 की रात हुई थी विवेक की मौत
विवेक तिवारी एप्पल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। 29-30 सितंबर 2018 की रात वह अपनी सहकर्मी के साथ कार से लौट रहे थे। गोमतीनगर विस्तार इलाके में पुलिसकर्मियों ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद हुई घटना में पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी की गोली विवेक तिवारी को लगी और अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई।
SIT ने की थी मामले की जांच
घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी के खिलाफ हत्या से संबंधित मामला चलाया गया, जबकि दूसरे आरोपी संदीप कुमार के खिलाफ भी अलग आरोप लगाए गए। अदालत में मामले से जुड़े गवाहों और विशेषज्ञों के बयान दर्ज किए गए।
अंतिम बहस 6 अगस्त को हुई पूरी
इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया कई वर्षों तक चली। रिपोर्टों के अनुसार अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस 6 अगस्त 2026 को पूरी हो गई थी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। अब करीब आठ साल पुराने इस मामले में अदालत का निर्णय सामने आने वाला है। फैसले से यह स्पष्ट होगा कि अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर क्या निष्कर्ष देती है।
पत्नी ने मांगी कड़ी सजा
विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी लंबे समय से न्याय की मांग करती रही हैं। फैसले से पहले उन्होंने दोष साबित होने की स्थिति में कड़ी सजा की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय से उम्मीद है और वह चाहती हैं कि दोषी को फांसी या उम्रकैद जैसी सजा मिले। परिवार पिछले करीब आठ वर्षों से इस मामले में अदालत के निर्णय का इंतजार कर रहा है।
आज तय होगी मामले की अगली दिशा
विवेक तिवारी हत्याकांड का फैसला इस मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण होगा। अदालत के निर्णय के बाद दोषसिद्धि या बरी होने तथा सजा से संबंधित आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी पक्ष को फैसले पर आपत्ति होती है तो कानून के तहत आगे अपील का रास्ता भी उपलब्ध रहेगा। फिलहाल सभी की नजर लखनऊ की अदालत में होने वाली सुनवाई और उसके निर्णय पर है।





