महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन: Ola-Uber-Rapido पर FIR के निर्देश

Vaishali shinde
2 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Monika Das
2 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Anika Rajput
11 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Payal jadon
12 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
मुंबई में बिना अनुमति चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने Ola, Uber और Rapido जैसी ऐप आधारित कंपनियों की अनधिकृत बाइक टैक्सी सेवाओं को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित कंपनियों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई है।
साइबर क्राइम विभाग को भी भेजा गया पत्र
परिवहन विभाग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए साइबर क्राइम विभाग से भी कार्रवाई की मांग की है। सरकार का कहना है कि कई कंपनियां बिना वैध अनुमति और सरकारी मंजूरी के बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। विभाग के अनुसार इन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सरकार ने साफ कहा है कि बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक कई मामलों में ड्राइवरों का उचित वेरिफिकेशन नहीं होता, वहीं महिलाओं की सुरक्षा, इमरजेंसी हेल्प सिस्टम और इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं की भी कमी देखी गई है। परिवहन विभाग का मानना है कि ऐसे हालात में यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
मुलुंड हादसे के बाद सरकार का सख्त रुख
सरकार ने नवंबर 2025 में मुंबई के मुलुंड लिंक रोड पर हुए एक हादसे का भी जिक्र किया है। जानकारी के अनुसार कथित अवैध बाइक टैक्सी से जुड़े इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद नवघर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा भी कई इलाकों से इसी तरह की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
क्या मुंबई में Ola-Uber पूरी तरह बंद हो जाएंगे?
सरकार की कार्रवाई के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुंबई में Ola और Uber पूरी तरह बंद हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि विवाद केवल बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर है। Ola और Uber की कार और ऑटो सेवाएं पहले की तरह कानूनी रूप से जारी रहेंगी। सरकार का कहना है कि यदि कंपनियां भविष्य में सभी जरूरी नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करती हैं, तो इस विषय पर दोबारा विचार किया जा सकता है।
महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी नियमों पर बढ़ी बहस
इस फैसले के बाद महाराष्ट्र में ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ सरकार सुरक्षा को प्राथमिकता बता रही है, वहीं दूसरी ओर कई लोग इन सेवाओं को ट्रैफिक और सस्ती यात्रा का बेहतर विकल्प मानते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कंपनियां सरकार के निर्देशों के बाद क्या कदम उठाती हैं।


