मूंग खरीदी पर किसानों को बड़ी राहत: मोहन सरकार ने बढ़ाई MSP खरीदी सीमा

Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
मध्य प्रदेश में किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद मोहन यादव सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की सीमा बढ़ा दी है। पहले केवल 25 प्रतिशत उपज की सरकारी खरीद की व्यवस्था थी, जिसे अब बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला किसानों की मांग और अधिक उत्पादन वाले जिलों की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। इससे हजारों किसानों को अपनी उपज बेचने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीखों में बढ़ोतरी
सरकार ने किसानों को अतिरिक्त समय देने के लिए खरीदी प्रक्रिया की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। अब स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई के बजाय 10 अगस्त कर दी गई है। वहीं, सरकारी खरीदी की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। इस फैसले से उन किसानों को लाभ मिलेगा जो समय पर पंजीयन या स्लॉट बुकिंग नहीं कर पाए थे। कृषि विभाग ने सभी किसानों से तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
खाद वितरण का ई-टोकन सिस्टम फिलहाल बंद
खाद वितरण में आ रही तकनीकी समस्याओं और किसानों की शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने ई-टोकन सिस्टम को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। किसानों का कहना था कि नई व्यवस्था के कारण समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी। अब सरकार ने फिलहाल पुरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह फैसला खरीफ सीजन के दौरान राहत देने वाला माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति
सरकार ने खाद वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। यह समिति किसानों, सहकारी संस्थाओं और कृषि विभाग से सुझाव लेकर नई व्यवस्था तैयार करेगी। उद्देश्य ऐसी प्रणाली विकसित करना है जिससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो और तकनीकी बाधाएं समाप्त हों। समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की व्यवस्था तय करेगी।
अधिक उत्पादन वाले जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और अन्य अधिक उत्पादन वाले जिलों के किसानों ने खरीदी सीमा बढ़ाने की लंबे समय से मांग की थी। इन क्षेत्रों में मूंग का उत्पादन अधिक होने के कारण 25 प्रतिशत सीमा किसानों के लिए पर्याप्त नहीं थी। नई व्यवस्था लागू होने से बड़ी मात्रा में उपज सरकारी खरीद केंद्रों तक पहुंचेगी। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी भी घटेगी।
किसान संगठनों ने समाप्त किया आंदोलन
कृषि मंत्री और किसान संगठनों के बीच हुई बैठक के बाद सरकार के फैसलों का स्वागत किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा सहित कई संगठनों ने मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने और ई-टोकन सिस्टम पर रोक लगाने को किसानों की जीत बताया। इसके बाद भोपाल सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे।




