Boy Dies After Borewell Rescue: राजस्थान के लोहावट में बोरवेल में गिरा 9 वर्षीय बच्चा नहीं बचा

राजस्थान के लोहावट में बोरवेल में गिरा 9 वर्षीय बच्चा नहीं बचा
प्रतिक्रियाएँ
Kabir Shukla

Kabir Shukla

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

3 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

15 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

2 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

3 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Arjun Singh

Arjun Singh

4 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Comments • Reactions • Feedback

39 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची भोमाराम की जान
राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र स्थित नोसर गांव में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को करीब 39 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 3:30 बजे बचाव अभियान पूरा हुआ। इसके बाद बच्चे को एंबुलेंस से लोहावट के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

करीब 640 फीट गहराई में फंसा था बच्चा
बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी थीं। बच्चे तक पहुंचने के लिए भारी मशीनों की मदद से बोरवेल के पास समानांतर गड्ढा खोदा गया। करीब 640 फीट की गहराई, भारी पत्थरों, मिट्टी धंसने और बोरवेल में पानी भरने जैसी तकनीकी चुनौतियों के कारण रेस्क्यू में काफी समय लगा। तमाम प्रयासों के बावजूद भोमाराम को बचाया नहीं जा सका।

 

बोरवेल की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में लगे बोरवेल की मशीन खराब हो गई थी। इसकी मरम्मत के लिए पंप को बाहर निकाला गया था और काम चल रहा था। इसी दौरान पास में खेल रहा उनका 9 वर्षीय बेटा भोमाराम खुले बोरवेल में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद बचाव दलों ने बच्चे को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।

 

प्रशासन और बचाव दल लगातार जुटे रहे
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह अभियान की निगरानी कर रहे थे, जबकि पुलिस अधीक्षक आदित्य काकड़े भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बच्चे तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए। करीब 39 घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने खुले और असुरक्षित बोरवेल को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

प्रतिक्रियाएँ
Kabir Shukla

Kabir Shukla

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

3 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

15 मिनट पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

2 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

3 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Arjun Singh

Arjun Singh

4 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Comments • Reactions • Feedback

खबरे और भी है...