नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालात: उज्जैन में करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी

Diya Gupta
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन संयोग पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के पास बनाए गए बैरिकेडिंग क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मचने से भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान कई लोग गिर गए और कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी हुई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए दर्शन व्यवस्था को नियंत्रित किया।
करंट फैलने की अफवाह से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार नागचंद्रेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली कतार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कतार के पास मौजूद बिजली के डीपी को लेकर श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद लोगों में अचानक डर और घबराहट पैदा हो गई। कुछ श्रद्धालुओं ने बैरिकेड्स हटाकर वहां से निकलने की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान धक्का-मुक्की और भीड़ के दबाव से कई लोग नीचे गिर गए। देखते ही देखते वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
13 श्रद्धालु हुए घायल और बेहोश
अचानक बिगड़े हालात के दौरान भीड़ के दबाव और घबराहट के कारण 13 श्रद्धालु घायल या बेहोश हो गए। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि कुछ श्रद्धालु भीड़ के बीच गिरने के कारण चोटिल हुए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों और मंदिर से जुड़े वालंटियर्स ने राहत एवं बचाव का काम शुरू किया। भीड़ के बीच से प्रभावित श्रद्धालुओं को बाहर निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद सभी 13 श्रद्धालुओं को इलाज के लिए उज्जैन के जिला अस्पताल यानी चरक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने घायलों की जांच कर उनका उपचार शुरू किया।
चरक अस्पताल में घायलों का इलाज
घटना के बाद सभी घायल श्रद्धालुओं को उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई श्रद्धालुओं को घबराहट, सांस लेने में परेशानी और मामूली चोटों की शिकायत थी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं की स्थिति पर चिकित्सकों की ओर से लगातार नजर रखी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को भी अलर्ट रखा। प्राथमिक उपचार के बाद कई श्रद्धालुओं की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है और किसी बड़े जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सुरक्षाकर्मियों और मंदिर समिति के वालंटियर्स ने भीड़ को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की। अधिकारियों ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू कराया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और संयम बनाए रखें। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया और कतार प्रबंधन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। प्रशासन अब भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर विशेष नजर रख रहा है।
साल में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर के कपाट
भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। इसी वजह से नाग पंचमी के दिन उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार सावन के तीसरे सोमवार के साथ नाग पंचमी का संयोग होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। भारी भीड़ के बीच हुई घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा और कतार व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती। श्रद्धालुओं से लगातार अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। घटना के बाद स्थिति नियंत्रण में रही और दर्शन व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।




