बिहार सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश: गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखना पड़ेगा भारी

गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखना पड़ेगा भारी
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Payal jadon

Payal jadon

3 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

3 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

10 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

12 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

14 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

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बिहार परिवहन विभाग ने वाहनों पर जातिसूचक शब्द और स्टीकर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी दोपहिया या चारपहिया वाहन पर जाति से जुड़े शब्द लिखे पाए गए, तो वाहन मालिक से ₹2000 तक का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सरकार ने वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया है ताकि वे अपनी गाड़ियों से ऐसे शब्द और स्टीकर हटा लें। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से सड़कों पर जांच अभियान चलाएंगे।

 

नंबर प्लेट और विंडशील्ड पर विशेष नजर
विभाग के निर्देश के अनुसार नंबर प्लेट पर किसी भी तरह का नाम, पद या जातिसूचक शब्द लिखना पूरी तरह अवैध माना जाएगा। इतना ही नहीं, यदि गाड़ी की बॉडी या विंडशील्ड पर बड़े अक्षरों में ‘राजपूत’, ‘यादव’, ‘जाट’, ‘गुर्जर’, ‘पंडित’ जैसे शब्द लिखे मिले, तो तुरंत चालान काटा जाएगा।
अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी न बरती जाए।

 

क्यों लिया गया यह फैसला?
परिवहन विभाग का मानना है कि वाहनों पर जातिगत पहचान का प्रदर्शन सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करता है और कई बार सड़क पर डर या गैंग कल्चर जैसी मानसिकता को बढ़ावा देता है। विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के प्रदर्शन पर रोक जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के बाद अब बिहार में भी इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

 

बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई
परिवहन सचिव ने सभी जिलों के DTO, MVI और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई व्यक्ति बार-बार नियम तोड़ता पाया गया, तो उसकी गाड़ी जब्त करने या ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत की जाएगी।

 

बिहार में AI कैमरों से होगी ट्रैफिक निगरानी
बिहार सरकार अब ट्रैफिक सिस्टम को हाईटेक बनाने की तैयारी में भी जुटी है। राज्यभर में 500 से 700 स्थानों पर AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन, फेस रिकग्निशन और सर्विलांस जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इससे ट्रैफिक नियमों का पालन बेहतर होगा, सड़क हादसों में कमी आएगी और नियम तोड़ने वालों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी।

 

भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाए जाएंगे स्मार्ट कैमरे
परिवहन विभाग ने जिला अधिकारियों को उन स्थानों की पहचान करने को कहा है, जहां सबसे अधिक ट्रैफिक रहता है या अक्सर हादसे होते हैं। सरकार की योजना है कि हाईवे, बड़े शहरों, टोल प्लाजा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में AI कैमरों वाला सिस्टम लगाया जाए।

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Payal jadon

Payal jadon

3 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

3 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

10 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

12 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

14 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

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