राम रहीम को 21 दिन की पैरोल: पैरोल पर सियासी घमासान

पैरोल पर सियासी घमासान
प्रतिक्रियाएँ
Aarav Sharma

Aarav Sharma

24 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Monika Das

Monika Das

5 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

6 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

8 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ada khan

Ada khan

10 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिनों की अस्थायी रिहाई मिली है। मंगलवार 25 अगस्त 2026 की सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर आया। जेल से निकलने के बाद उसका काफिला सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। राम रहीम अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। ताजा पैरोल के बाद वह निर्धारित अवधि तक जेल से बाहर रहेगा। इस रिहाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।


17वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम
अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह राम रहीम की 17वीं अस्थायी रिहाई बताई जा रही है। अलग-अलग मौकों पर उसे पैरोल या फरलो के जरिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिल चुकी है। इस बार उसे 21 दिनों के लिए अस्थायी रिहाई दी गई है। पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद उसे वापस जेल लौटना होगा। बार-बार मिलने वाली अस्थायी रिहाई को लेकर विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले ने एक बार फिर पैरोल व्यवस्था और कैदियों के साथ समान व्यवहार को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।


सिरसा डेरा मुख्यालय पहुंचा
जेल से बाहर आने के बाद गुरमीत राम रहीम सिंह कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय पहुंचा। प्रशासन की ओर से उसकी सुरक्षा और आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। पैरोल की अवधि के दौरान उसे निर्धारित स्थान पर रहने की अनुमति दी गई है। उसके सार्वजनिक कार्यक्रमों और गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन की ओर से उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी निर्धारित शर्त का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं।

 

पैरोल पर विपक्ष का सरकार पर हमला
राम रहीम की बार-बार होने वाली अस्थायी रिहाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि गंभीर अपराध में दोषी व्यक्ति को बार-बार पैरोल मिलना कानून के समान इस्तेमाल को लेकर सवाल पैदा करता है। विपक्ष ने इस फैसले की प्रक्रिया और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं का कहना है कि सभी कैदियों के लिए कानून और नियम समान होने चाहिए। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राम रहीम की ताजा रिहाई ने हरियाणा की राजनीति में भी नई बहस को जन्म दे दिया है।


पैरोल के दौरान कड़ी पाबंदियां
21 दिनों की पैरोल के दौरान राम रहीम पर कई शर्तें लागू रहेंगी। उसे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा परिसर में ही रहने की अनुमति दी गई है। वह किसी सार्वजनिक सभा या राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता है। उसके समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटाने पर भी रोक रहेगी। स्थानीय प्रशासन उसकी गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगा। पैरोल की सभी शर्तों का पालन करना उसके लिए अनिवार्य होगा।


रिहाई को लेकर फिर शुरू हुई बहस
गुरमीत राम रहीम की ताजा पैरोल के बाद उसकी लगातार होने वाली अस्थायी रिहाइयों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार 2017 में सजा मिलने के बाद से उसे अब तक 17वीं बार अस्थायी रिहाई मिली है। विपक्ष और कुछ संगठनों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए समान कानून व्यवस्था की मांग की है। वहीं पैरोल और फरलो कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दी जाने वाली अस्थायी रिहाई होती है। इस बार भी प्रशासन ने उसकी रिहाई के साथ कई प्रतिबंध लागू किए हैं। अब इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

 

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Aarav Sharma

Aarav Sharma

24 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Monika Das

Monika Das

5 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

6 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

7 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

8 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ada khan

Ada khan

10 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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