पटना में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन: गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर निकला मार्च

Myra Dubey
5 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Sneha Menon
6 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Reyansh Joshi
7 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Nidhi kumari
7 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Anil Sen
9 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Taushif Shekh
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Dhruv Bhatt
12 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ravi sinha
12 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
छात्र संगठनों के साझा आह्वान पर पटना के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में प्रतियोगी अभ्यर्थी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद हजारों छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। मार्च आगे बढ़ने के साथ प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। डाक बंगला चौराहे पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
डाक बंगला चौराहे पर टूटी बैरिकेडिंग
छात्रों का मार्च जब डाक बंगला चौराहे पर पहुंचा तो वहां पुलिस ने लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोक दिया था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और इसी दौरान कुछ छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाने और तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। देखते ही देखते मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा छात्रों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं।
गर्दनीबाग में भूख हड़ताल का ऐलान
डाक बंगला चौराहे पर हुई कार्रवाई के बावजूद छात्र आंदोलन थमा नहीं है। कई अभ्यर्थियों ने गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें पूरी करने के लिए सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। छात्रों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
70वीं BPSC समेत इन परीक्षाओं को लेकर मांग
छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारी कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा छात्र आगामी सरकारी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग भी कर रहे हैं। शिक्षक भर्ती परीक्षा BPSC-TRE 4 को लेकर भी अभ्यर्थियों ने इसे केवल एक चरण यानी सिंगल-टियर व्यवस्था में आयोजित करने की मांग रखी है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और एक समान होनी चाहिए। इन मांगों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत आंदोलन की अगली दिशा तय कर सकती है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से बिहार में बाढ़ का संकट
एक तरफ पटना में छात्र आंदोलन को लेकर माहौल गर्म है, वहीं दूसरी ओर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक राज्य के कम से कम 6 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। पटना के दीघा, मरीन ड्राइव और दानापुर सहित कई तटीय एवं निचले क्षेत्रों में पानी सड़कों और रिहाइशी इलाकों तक पहुंच गया है। दियारा क्षेत्रों में तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटाव भी गंभीर समस्या बन रहा है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
फरक्का बैराज के गेट खोलने की अपील
बिहार में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने फरक्का बैराज के गेट खोलने का मुद्दा उठाया है। बिहार सरकार का कहना है कि गंगा में पानी के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जल निकासी को तेज करना जरूरी है। राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग की ओर से भी बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।





