हरियाली तीज 2026: व्रत के नियमों से लेकर सिंधारा की सामग्री तक

Sneha Menon
0 सेकंड पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हर साल हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जाता है। इस बार हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से यह व्रत करती हैं।
हरियाली तीज पर निर्जला व्रत का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज पर महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। व्रत के दौरान मन को शांत रखने, क्रोध और विवाद से दूर रहने तथा भगवान के ध्यान और भजन-कीर्तन में समय बिताने की सलाह दी जाती है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर फलाहार या अन्य विकल्प डॉक्टर की सलाह से अपनाया जा सकता है।
हरियाली तीज पर इन रंगों के कपड़े पहनने से बचें
मान्यता है कि हरियाली तीज पर काले, सफेद और भूरे रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। इस दिन हरा रंग विशेष शुभ माना जाता है, क्योंकि यह हरियाली, प्रकृति, सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं हरे रंग के अलावा लाल, पीले और नारंगी रंग के वस्त्र भी पहन सकती हैं।
व्रत के दौरान क्रोध और विवाद से रहें दूर
हरियाली तीज के दिन घर में झगड़ा करना, कटु शब्द बोलना, किसी का अपमान करना या किसी की बुराई करना शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रती को सकारात्मक विचार रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करना चाहिए। पति या सास-ससुर के साथ विवाद और बहस से बचने की भी सलाह दी जाती है।
निर्जला व्रत का संकल्प लिया है तो नियमों का रखें ध्यान
यदि किसी महिला ने निर्जला व्रत का संकल्प लिया है तो मान्यता के अनुसार व्रत के बीच में पानी, चाय या फलाहार लेने से बचना चाहिए। व्रत का पारण परंपरा और निर्धारित विधि के अनुसार करने की मान्यता है। हालांकि, अस्वस्थ, गर्भवती या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं को कठोर उपवास करने के बजाय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
16 श्रृंगार और मेहंदी का खास महत्व
हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व बताया जाता है। महिलाएं मेहंदी, हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, बिछिया, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्री का इस्तेमाल करती हैं। माता पार्वती को भी सुहाग की सामग्री अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है। तीज के अवसर पर मेहंदी और हरी चूड़ियों को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
दिन में सोने के बजाय पूजा-पाठ में लगाएं मन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज के व्रत में दिन के समय सोने से बचना चाहिए। इसके बजाय महिलाएं तीज की कथा सुन सकती हैं, भजन-कीर्तन कर सकती हैं और भगवान शिव-माता पार्वती का ध्यान कर सकती हैं। इस दौरान 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' मंत्र का जाप करने की भी मान्यता है।
पूजा में ताजे फूल और शुद्ध सामग्री का करें इस्तेमाल
हरियाली तीज की पूजा में बासी फूल या अशुद्ध सामग्री का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भगवान शिव को ताजे बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते और ताजे फूल अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है। पूजा की सामग्री साफ और शुद्ध रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
हरियाली तीज पर मायके से भेजा जाता है सिंधारा
हरियाली तीज पर मायके से बेटी के ससुराल सिंधारा भेजने की परंपरा भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें मिठाई, फल, कपड़े और श्रृंगार की सामग्री शामिल की जाती है। सिंधारा को बेटी के प्रति मायके के प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। खासकर नवविवाहित बेटी के लिए पहला सिंधारा भेजते समय परिवार की ओर से विशेष तैयारियां की जाती हैं।
सिंधारा में जरूर शामिल करें हरी चूड़ियां और हरे वस्त्र
सिंधारा में हरी चूड़ियां, हरी साड़ी, सूट या दुपट्टा शामिल करना शुभ माना जाता है। इसके साथ बिंदी, सिंदूर, पायल, बिछिया, आलता और अन्य श्रृंगार सामग्री भी भेजी जा सकती है। हरियाली तीज पर मेहंदी का विशेष महत्व होने के कारण सिंधारा में मेहंदी रखना भी परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
फल और मिठाई के साथ सास के लिए भी रखें सामान
सिंधारा में फल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां भी शामिल की जाती हैं। मान्यता के अनुसार मिठाई रिश्तों में मिठास और मायके के स्नेह का प्रतीक मानी जाती है। यदि नवविवाहित बेटी के लिए पहली बार सिंधारा भेजा जा रहा है, तो उसकी सास के लिए साड़ी या श्रृंगार सामग्री रखना भी परंपरा में शामिल बताया जाता है।
सिंधारा में न रखें चाकू-कैंची जैसी नुकीली चीजें
मान्यताओं के अनुसार सिंधारा में चाकू, कैंची या अन्य नुकीली चीजें नहीं रखनी चाहिए। इन्हें शुभ सामग्री के लिए उचित नहीं माना जाता है। इसी तरह काले और सफेद रंग की वस्तुएं भी सिंधारा में शामिल करने से बचने की परंपरा बताई जाती है।
खट्टी चीजें भेजने से भी बचें
सिंधारा में अचार या अन्य खट्टी चीजें नहीं भेजने की मान्यता भी है। धार्मिक मान्यताओं में खट्टी चीजों को रिश्तों में खटास से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में सिंधारा तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
व्रत में सात्विकता और सकारात्मक सोच रखें
हरियाली तीज पर तामसिक भोजन से बचने और सात्विकता बनाए रखने की मान्यता है। व्रती को क्रोध, घृणा और लालच जैसी भावनाओं से दूर रहकर सकारात्मक सोच के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करनी चाहिए। व्रत के नियमों का पालन श्रद्धा और अपनी क्षमता के अनुसार करना बेहतर माना जाता है।
पूजा के बाद करें सुखी दांपत्य जीवन की कामना
पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती से सुखी दांपत्य जीवन, पति के अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। सुहागिन महिलाएं अपनी सास को सुहाग सामग्री भेंट करने की परंपरा भी निभाती हैं। शाम के समय पूजा-पाठ और व्रत पारण से जुड़ी स्थानीय एवं पारिवारिक परंपराओं का पालन किया जाता है।
दान-पुण्य का भी बताया गया है महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरियाली तीज पर देवी पार्वती की 'श्रीदेवी' नाम से पूजा करने और शिवभक्तों को भोजन कराने की परंपरा भी बताई जाती है। सामर्थ्य के अनुसार स्वर्ण, फल या अन्य वस्तुओं का दान किया जा सकता है। स्वर्ण दान संभव न होने पर जौ या गेहूं का दान करने की मान्यता भी कुछ परंपराओं में बताई गई है।
हरियाली तीज पर इन बातों का रखें खास ध्यान
हरियाली तीज का पर्व श्रद्धा, सुहाग, प्रेम और पारिवारिक स्नेह से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को पूजा-पाठ के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए। निर्जला व्रत हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपवास का तरीका अपनी शारीरिक स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार तय करना बेहतर है। धार्मिक नियम और परंपराएं परिवार तथा क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग भी हो सकती हैं।





