Karwa Chauth 2026 Puja Vidhi Moonrise Time: पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी, जानें पूजा विधि और चंद्रोदय का समय

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी, जानें पूजा विधि और चंद्रोदय का समय
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Saanvi Pandey

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0 सेकंड पहले

Karma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.

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शादी के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए राहत की खबर है। इस साल पहली बार व्रत रखने पर किसी तरह की धार्मिक रोक नहीं है। ज्योतिष मठ संस्थान के आचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार, धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु जैसे धर्मग्रंथों में पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने पर कोई मनाही नहीं बताई गई है। इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय का संभावित समय रात 8 बजकर 24 मिनट बताया गया है

 

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें?

कई महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि शादी के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने के लिए कोई खास नियम है या नहीं। आचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार, पहली बार यह व्रत रखने में कोई धार्मिक बाधा नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर फैल रही गलत जानकारियों को भी भ्रम बताया है।

 

 

महिलाएं अपनी श्रद्धा और परिवार की परंपराओं के अनुसार व्रत रख सकती हैं।

 

 

करवा चौथ पर बनेंगे शुभ संयोग

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र के साथ शिवयोग का संयोग रहेगा। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा, जिसे ज्योतिष में शुभ माना जाता है।

 

मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की खुशहाली और रिश्ते में प्रेम बनाए रखने की प्रार्थना करती हैं।

 

 

शुक्रास्त और भद्रा की परेशानी नहीं

आचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार, शुक्र का उदय 28 अक्टूबर की सुबह हो जाएगा। इसलिए 29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन शुक्रास्त का दोष नहीं रहेगा। साथ ही, इस दिन भद्रा भी नहीं है।

 

बंगाल में करवा चौथ को दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस त्योहार को स्थानीय परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।

 

 

रात 8:24 बजे बताया गया चंद्रोदय का समय

करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह से चंद्रमा के दर्शन होने तक व्रत रखती हैं। इस साल चंद्रमा निकलने का संभावित समय रात 8 बजकर 24 मिनट बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है।

 

आचार्य के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुछ जगहों पर चंद्रमा देर से दिखाई दे सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने शहर के चंद्रोदय के समय की जानकारी पहले से ले लेनी चाहिए।

 

 

करवा चौथ की पूजा कैसे करें?

करवा चौथ के दिन पूजा करने के लिए महिलाएं इन आसान तरीकों को अपना सकती हैं:

 

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।


- परिवार की परंपरा के अनुसार, सूर्योदय से पहले सास की ओर से दी गई सरगी खाएं।


- माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी को याद करके व्रत का संकल्प लें।


- दिनभर अपनी परंपरा के अनुसार व्रत रखें।


- शाम को पूजा की तैयारी करें और माता पार्वती, भगवान शिव व गणेश जी की पूजा करें।


- करवा चौथ की कथा पढ़ें या सुनें।


- चंद्रमा निकलने पर उसके दर्शन करें और जल से अर्घ्य दें।


- इसके बाद पति के दर्शन करके परंपरा के अनुसार व्रत खोलें।

 

 

व्रत रखते समय इन बातों का रखें ध्यान

पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा की विधि और परिवार की परंपराओं के बारे में पहले से जानकारी ले सकती हैं। चंद्रमा दिखाई देने का समय मौसम और शहर के हिसाब से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय समय की पुष्टि करना जरूरी है।

 

व्रत रखते समय अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। यदि किसी महिला को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

 

इस तरह करवा चौथ पर पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं किसी धार्मिक रोक की चिंता किए बिना अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार त्योहार मना सकती हैं।

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