विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: एशियन गेम्स 2026 ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति

एशियन गेम्स 2026 ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति
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Pihu Agarwal

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21 घंटे पहले

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Dhruv Bhatt

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1 दिन पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

Neel Saxena

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1 दिन पहले

Champion ban ke dikhao, hum saath hain!

Ritika Ghosh

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1 दिन पहले

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भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें 2026 एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद 30 मई से शुरू होने वाले ट्रायल्स में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है और उनके एशियन गेम्स में खेलने की उम्मीदों को बड़ा बल मिला है।

 

कोर्ट ने कहा- आपने देश को गौरवान्वित किया है
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। अदालत ने टिप्पणी की, "अगर कोई और खिलाड़ी होता तो मामला अलग होता। आपने देश को गौरवान्वित किया है।" हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी खिलाड़ी से ऊपर देश और उसके खेल हित हैं।

 

हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की याचिका पर नोटिस जारी कर आगे की सुनवाई का रास्ता खुला रखा गया है।

 

खेल मामलों में बार-बार न्यायिक हस्तक्षेप पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने खेल प्रतियोगिताओं में अदालतों के बार-बार हस्तक्षेप पर गंभीर चिंता व्यक्त की। जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का विषय है। उन्होंने कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप के कारण पूरे खेल कार्यक्रम और चयन प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

 

डोपिंग टेस्ट और वैश्विक मानदंडों पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने डोपिंग टेस्ट से जुड़े मुद्दों पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित नियमों और मानदंडों का पालन करना प्रत्येक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है। न्यायालय ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी की वैश्विक स्तर पर अयोग्यता होती है तो उसका असर केवल खिलाड़ी पर नहीं बल्कि पूरे देश की छवि पर पड़ता है।

 

मातृत्व को लेकर विनेश की दलील
विनेश फोगाट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने अदालत को बताया कि यह मामला उनके मातृत्व से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि विनेश ने लगभग दस महीने पहले बच्चे को जन्म दिया है और इसी कारण कुछ परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए ट्रायल्स में भाग लेने का अवसर दिया जाए।

 

कोर्ट बोला- जाइए और ट्रायल्स में हिस्सा लीजिए
सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम आपको नहीं रोक रहे हैं, आप जाइए और ट्रायल्स में हिस्सा लीजिए।" कोर्ट के इस बयान के बाद चयन ट्रायल्स में उनकी भागीदारी को लेकर सभी अटकलों पर विराम लग गया।

 

WFI की नीति और चयन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान विनेश की ओर से यह भी दावा किया गया कि भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा बनाई गई कुछ चयन नीतियां उनके खिलाफ इस्तेमाल की गईं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सभी मुद्दों की विस्तृत जांच बाद में की जाएगी, लेकिन फिलहाल खिलाड़ियों के हित और समयबद्ध चयन प्रक्रिया को देखते हुए ट्रायल्स को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

 

एशियन गेम्स 2026 के लिए विनेश के सामने बड़ी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब सभी की निगाहें 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल्स पर टिकी हैं। लंबे समय बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी कर रहीं विनेश फोगाट के लिए यह ट्रायल्स एशियन गेम्स 2026 का टिकट हासिल करने की दिशा में बेहद अहम साबित होंगे।

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