Karishma Wins Silver: सीतामढ़ी की 14 वर्षीय करिश्मा ने जीता नेशनल सिल्वर मेडल

Yash Kulkarni
10 घंटे पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Harsh Pandya
14 घंटे पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
Pooja Reddy
15 घंटे पहलेChampion ban ke dikhao, hum saath hain!
Aarohi Chaudhary
16 घंटे पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Rohan Desai
18 घंटे पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
Yash Kulkarni
18 घंटे पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Shruti Bajpai
19 घंटे पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
Reyansh Joshi
20 घंटे पहलेBahut badhiya khela, next match ka intezaar hai!
सीतामढ़ी की करिश्मा ने राष्ट्रीय स्तर पर जीता रजत पदक
बिहार के सीतामढ़ी की 14 वर्षीय करिश्मा राज ने राष्ट्रीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। डीएवी स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा करिश्मा का सपना भारोत्तोलन में करियर बनाकर देश के लिए पदक जीतना है।
भाई की प्रेरणा से शुरू हुआ भारोत्तोलन का सफर
करिश्मा ने अपने बड़े भाई आयुष की प्रेरणा से भारोत्तोलन खेलना शुरू किया। उसने स्कूली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए 30 किलोग्राम भार वर्ग में महाराजगंज में आयोजित क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। इसके बाद सिवान में हुई जोनल स्तरीय प्रतियोगिता में भी सिल्वर मेडल हासिल किया।
नोएडा की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद करिश्मा को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर उसने अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया।
छोटी बहन भी खेलों में बना रही पहचान
करिश्मा की छोटी बहन आर्या अदिति बास्केटबॉल खेलती हैं। दोनों बहनें अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा निखार रही हैं। उनके माता-पिता शिक्षक सुबोध राम और शिक्षिका साधना अपनी बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सुविधाएं देने की जरूरत
जिला भारोत्तोलन संघ के अध्यक्ष अतुल कुमार ने कहा कि कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। उचित मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और बेहतर सुविधाएं मिलने पर करिश्मा आगे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकती है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की अपील की।
करिश्मा का सपना देश के लिए पदक जीतना
संघ के सचिव सतीश कुमार ने करिश्मा की उपलब्धि को दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि खेलों में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास भी जरूरी हैं। करिश्मा का लक्ष्य भारोत्तोलन में अपनी पहचान बनाना और भविष्य में देश के लिए पदक जीतना है।








