WhatsApp Account Issues: Instinct AI साइन-अप के बाद WhatsApp यूजर्स की बढ़ीं मुश्किलें

Instinct AI साइन-अप के बाद WhatsApp यूजर्स की बढ़ीं मुश्किलें
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Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Yeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.

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Instinct AI साइन-अप के बाद WhatsApp यूजर्स की शिकायतें
अमेरिका के नेतृत्व वाले स्टार्टअप द्वारा विकसित AI एजेंट Instinct इन दिनों चर्चा में है। कई WhatsApp यूजर्स ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि इस टूल के लिए साइन अप करने के बाद उनकी मैसेजिंग सेवा प्रभावित हुई। भारत के एक यूजर ने शिकायत की कि Instinct के लिए साइन अप करने के तुरंत बाद उनका WhatsApp अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया। Instinct एक AI एजेंट है, जो यूजर्स की ओर से काम करता है और चैट तथा सवालों के जवाब देने जैसे कार्य कर सकता है। इसे Meta के AI एजेंट Muse का प्रतिस्पर्धी भी माना जा रहा है।

 

Instinct ने WhatsApp सेवा में अस्थायी समस्या स्वीकार की
Instinct के संस्थापक और CEO नूह शिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि कंपनी की ओर से हुई कॉन्फिगरेशन संबंधी समस्या के कारण उसके एक सेवा प्रदाता को भुगतान में रुकावट आई। इसके चलते AI असिस्टेंट WhatsApp पर यूजर्स को जवाब नहीं दे पा रहा था।

 

यूजर ने अकाउंट बैन होने का दावा किया
X यूजर अथर्व पाध्ये ने पोस्ट कर दावा किया कि Instinct के लिए साइन अप करने के तुरंत बाद उनका WhatsApp अकाउंट बैन कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp की सपोर्ट टीम से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

 

WhatsApp ने थर्ड पार्टी ऐप्स को लेकर दी चेतावनी
पाध्ये की शिकायत के जवाब में WhatsApp ने चेतावनी दी कि अनौपचारिक थर्ड पार्टी ऐप्स से अकाउंट जोड़ने पर अस्थायी या स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। कंपनी के मुताबिक, अगर यूजर्स को अकाउंट रिव्यू का अनुरोध करने का विकल्प नहीं दिखाई देता, तो प्रतिबंध अंतिम हो सकता है और उसके खिलाफ अपील का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।

 

WhatsApp ने Instinct जैसे ऐप्स के इस्तेमाल पर जताई चिंता
WhatsApp ने अपने जवाब में कहा कि Instinct जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल अकाउंट के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। कंपनी के अनुसार, अनौपचारिक ऐप्स और वेबसाइटों की सुरक्षा तथा गोपनीयता संबंधी प्रक्रियाओं की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे ऐप या वेबसाइट से अकाउंट लिंक करने पर अस्थायी या स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। हालांकि, WhatsApp ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पाध्ये के अकाउंट पर प्रतिबंध किस खास गतिविधि के कारण लगाया गया।

 

Instinct CEO नूह शिन ने सेवा बाधित होने पर दिया जवाब
WhatsApp सेवा में रुकावट की खबरों के बाद Instinct के CEO नूह शिन ने इस मामले पर अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से हुई कॉन्फिगरेशन संबंधी समस्या के कारण उसके एक सेवा प्रदाता को भुगतान प्रभावित हुआ था। इसी वजह से कुछ समय तक Instinct WhatsApp पर यूजर्स को जवाब नहीं दे पाया।

 

CEO ने सेवा सामान्य होने की पुष्टि की
नूह शिन ने बताया कि समस्या को ठीक कर लिया गया है और Instinct की WhatsApp सेवा फिर से सामान्य रूप से काम कर रही है। उनके मुताबिक, सेवा बाधित रहने के दौरान यूजर्स ने जो संदेश भेजे थे, वे कंपनी को प्राप्त हुए थे। जिन लोगों को जवाब नहीं मिला, उनसे कंपनी संपर्क कर रही है। शिन ने इस व्यवधान के लिए खेद जताया और कहा कि ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।

 

अकाउंट बैन के दावे पर CEO ने नहीं दिया अलग जवाब
नूह शिन का बयान मुख्य रूप से Instinct की WhatsApp सेवा में आई अस्थायी रुकावट पर केंद्रित था। उन्होंने अथर्व पाध्ये के उस दावे पर अलग से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि Instinct के लिए साइन अप करने के बाद उनका WhatsApp अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया था। ऐसे में सेवा बाधित होने और अकाउंट बैन होने के दावे दो अलग मुद्दे बने हुए हैं।

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