Russia Plague Fear: रूस में प्लेग का खौफ, लैब कर्मचारी की मौत से हड़कंप

Payal jadon
0 सेकंड पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेCyber security ka yeh mudda bahut serious hai.
Vaishali shinde
13 मिनट पहलेCyber security ka yeh mudda bahut serious hai.
Kabir Shukla
30 मिनट पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Navya Nair
1 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
लैब कर्मचारी की मौत के बाद बढ़ी चिंता
रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद रहस्यमयी संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। इरकुत्स्क के शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 वर्षीय महिला दर्या शिपिलोवा की मौत के बाद करीब 200 लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। हालांकि, रूस के अधिकारियों ने उनकी मौत की वजह प्लेग होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और फिलहाल इसे अज्ञात कारण से हुई निमोनिया के तौर पर देखा जा रहा है।
लैब में टेस्ट ट्यूब टूटने का दावा
मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि शिपिलोवा ऐसे संस्थान में काम करती थीं, जहां प्लेग समेत गंभीर संक्रामक रोगों के रोगजनकों पर शोध किया जाता है। स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लैब में सैंपल संभालने के दौरान एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और गंभीर निमोनिया जैसे लक्षण सामने आने की बात कही गई। हालांकि, टेस्ट ट्यूब में मौजूद सामग्री और उनकी बीमारी के बीच सीधा संबंध अभी तक साबित नहीं हुआ है।
200 लोग निगरानी में रखे गए
शिपिलोवा की मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू की। करीब 200 लोगों को एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है। शुरुआती जांच में इन लोगों में संक्रमण के स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आए हैं। अधिकारियों की ओर से संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी संभावित संक्रमण का समय रहते पता लगाया जा सके।
न्यूमोनिक प्लेग को लेकर सवाल
इस घटना के बीच न्यूमोनिक प्लेग का नाम सामने आने से चिंता बढ़ी है। यह प्लेग का एक गंभीर रूप है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। हालांकि, मौजूदा मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शिपिलोवा की बीमारी किस संक्रमण की वजह से हुई थी। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीमारी का उनके लैब में काम करने से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
रूस ने प्लेग फैलने से किया इनकार
रूस की स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी ने फिलहाल देश में प्लेग फैलने जैसी स्थिति से इनकार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक शिपिलोवा के नमूनों से उनके पेशे से जुड़े किसी खास सूक्ष्मजीव की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस घटना को फिलहाल प्लेग का प्रकोप कहना जल्दबाजी होगी और बीमारी की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
अमेरिकी अधिकारी भी रख रहे नजर
मामले पर अमेरिकी अधिकारी भी नजर रख रहे हैं और रूस से स्थिति की स्पष्ट जानकारी साझा करने की अपील की गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह तय नहीं है कि महिला की मौत किसी अज्ञात संक्रमण के कारण हुई या लैब में काम करने के दौरान किसी रोगजनक के संपर्क में आने से उनकी हालत बिगड़ी। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।








