Rajpal Yadav SC Case: चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Pooja Reddy
47 मिनट पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Riya Jain
1 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Pooja Reddy
3 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Neel Saxena
4 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Riya Jain
5 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Ishaan Tiwari
6 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने उन्हें 13 अक्टूबर तक शिकायतकर्ता को देय राशि में से 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि भुगतान होने के बाद ही हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद अदालत में मौजूद थे।
1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अदालत में पेश किया गया। बाकी 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक उनकी प्रॉपर्टी खरीदने वाले एक खरीदार के जरिए चुकाए जाने की बात कही गई। अदालत ने कुल 2 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त को स्पष्ट रूप से रखा है।
अदालत ने रवैये पर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि बार-बार समय इसलिए दिया जा रहा है ताकि शिकायतकर्ता को उसकी राशि मिल सके। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर सजा बढ़ाई जा सकती है और कानून की प्रक्रिया का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
CJI और राजपाल यादव के बीच हुई बातचीत
सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश और राजपाल यादव के बीच हल्का-फुल्का संवाद भी हुआ। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए बड़े वित्तीय नुकसान का जिक्र किया और कहा कि फिल्म की वजह से उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस पर CJI ने फिल्म के नाम को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जैसे फिल्म ‘अता पता लापता’ है, वैसे ही उनका पैसा भी ‘अता पता लापता’ हो गया है।
राजपाल यादव ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा
CJI की टिप्पणी पर राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर सम्मान जताया। इसके बाद CJI ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाने और लोगों का मनोरंजन करने की सलाह भी दी। कोर्ट परिसर में राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें देश, सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से जो भी फैसला आएगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।
2010 के लोन विवाद से जुड़ा है मामला
यह मामला साल 2010 का बताया जा रहा है, जब फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से राजपाल यादव ने कथित तौर पर लोन लिया था। लोन चुकाने के लिए दिए गए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक बाउंस होने के बाद कानूनी विवाद शुरू हुआ। राजपाल यादव के मुताबिक, विवाद करीब 5 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।








