दिल्ली पुलिस का Operation CyHawk 4.0: 519 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़

519 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़

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दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई करते हुए “Operation CyHawk 4.0” के तहत देशभर में फैले विशाल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस अभियान में 519 करोड़ रुपये से जुड़े ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 600 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 8300 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई। यह ऑपरेशन 6 और 7 अप्रैल को चलाया गया, जिसमें करीब 5000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

म्यूल अकाउंट से डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: करोड़ों की ठगी का खुलासा
इस मामले में मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया गया है, जो डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क से जुड़ा पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि ICICI बैंक का एक अकाउंट “Saleem Javed Rule the Rolls Since 1960” नाम से संचालित हो रहा था, जिसके जरिए करीब 3.3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद कथित तौर पर 2–3 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खातों की डिटेल साझा करते थे, जिन्हें हरविंदर कोहली, नसीम और संदीप द्विवेदी जैसे एजेंट आगे इस्तेमाल करते थे। केवल एक अकाउंट में अलग-अलग पीड़ितों से 54 लाख रुपये जमा हुए, जिन्हें बाद में लेयरिंग तकनीक से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

खान चाचा फूड चेन ने संबंधों से किया इनकार
शुरुआती रिपोर्टों में मोहम्मद जावेद को मशहूर फूड चेन “खान चाचा” के मालिक का बेटा बताया गया था, लेकिन कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दावे को गलत बताया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि मोहम्मद जावेद का वर्तमान ब्रांड, स्वामित्व, संचालन या प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है और इस तरह की अफवाहें ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं।

3564 NCRP शिकायतें और 499 नई FIR दर्ज
ऑपरेशन CyHawk 4.0 के दौरान दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 3564 शिकायतों को संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जोड़ा। इन मामलों में कुल 519 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला।
8371 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया
1429 लोगों को गिरफ्तार/बाउंड डाउन किया गया
2203 लोगों को BNSS धारा 35 के तहत नोटिस जारी हुए
499 नई FIR दर्ज की गईं
324 पुराने मामलों का भी समाधान किया गया

देशभर में फैले नेटवर्क: क्रिप्टो, कॉल सेंटर और विदेशी लिंक
आउटर नॉर्थ जिले में 18 बैंक खातों के जरिए 2 करोड़ रुपये की ठगी उजागर हुई, जिसे USDT क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार हुए। द्वारका में 67 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ, जहां से 109 चेकबुक, 12 मोबाइल फोन और शेल कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए गए।
शाहदरा में APK फाइल के जरिए मोबाइल हैक कर 6.65 लाख की ठगी का मामला सामने आया, जिसमें कंबोडिया और थाईलैंड कनेक्शन मिला। वहीं साउथ-वेस्ट जिले में फर्जी लोन ऐप के जरिए पाकिस्तान और बांग्लादेश लिंक वाले एक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।

फर्जी कॉल सेंटर और AI फ्रॉड के नए तरीके
आउटर जिले में इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ, जहां नकली लोन और नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही थी। यहां से 19 आरोपी गिरफ्तार किए गए। दक्षिण-पूर्व दिल्ली में AI से बनाई गई तस्वीरों के जरिए मैट्रिमोनियल फ्रॉड करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ, जिसमें दो आरोपी पकड़े गए।

I4C और गृह मंत्रालय के सहयोग से चला अभियान
इस विशाल ऑपरेशन की तैयारी करीब एक महीने पहले शुरू हुई थी। दिल्ली पुलिस ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर साइबर हॉटस्पॉट मैपिंग, संदिग्ध ट्रांजेक्शन विश्लेषण और मोबाइल ट्रैकिंग की। रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स की मदद से इस अभियान को सफल बनाया गया।

जनता के लिए चेतावनी: OTP और बैंक डिटेल साझा न करें
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक, OTP या बैंक डिटेल साझा न करें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे ताकि साइबर अपराधियों पर लगातार दबाव बना रहे।

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