ऑपरेशन साइ-हंट: एर्नाकुलम में साइबर धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार

एर्नाकुलम में साइबर धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार

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केरल के एर्नाकुलम जिले में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राज्यव्यापी विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइ-हंट’ के दूसरे संस्करण के तहत एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने 16 और कोच्चि शहर पुलिस ने 10 आरोपियों को पकड़ा। इस दौरान पूरे जिले में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 46 मामले दर्ज किए गए, जिनमें ऑनलाइन वित्तीय अपराधों के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ।

बैंक खातों और एटीएम के जरिए चल रहा था धोखाधड़ी नेटवर्क
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक खातों के दुरुपयोग, चेक निकासी और एटीएम लेनदेन के जरिए साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे। कई लोग आर्थिक लाभ के बदले अपने बैंक खाते दूसरों को उपलब्ध करा रहे थे, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से ट्रांसफर किए गए पैसों को निकालने में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क मुख्य अपराधियों की पहचान छिपाने और अवैध रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का माध्यम बना हुआ था।

36 एफआईआर दर्ज, 9 डिजिटल उपकरण जब्त
अभियान के दौरान पुलिस ने 36 एफआईआर दर्ज कीं और नौ डिजिटल उपकरण जब्त किए, जिनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए 16 आरोपियों में से 13 को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

सोशल इंजीनियरिंग से लोगों को फंसा रहे अपराधी
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि अपराधी सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। जल्दी कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर लोगों से बैंक खाते खुलवाए जाते हैं या उनके खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जाता है। इससे आम नागरिक अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन जाते हैं।

जनता से सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अजनबी के साथ बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि खाते की जानकारी देना भी गंभीर कानूनी परिणाम ला सकता है। साथ ही संदिग्ध कॉल, फर्जी निवेश योजनाओं या संदिग्ध वित्तीय प्रस्तावों की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।

जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और जांच अभी जारी है। संदिग्ध लेनदेन के वित्तीय प्रवाह पर नजर रखी जा रही है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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