राजकोट में सामने आया बड़ा साइबर घोटाला: 2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड बेनकाब

Divyani Jadon
1 महीने पहलेGreat work!
Rajesh
1 महीने पहलेNice post 👍
Rajesh
1 महीने पहलेLoved this ❤️
Shiva
1 महीने पहलेThanks for sharing 🙌
Rakesh
1 महीने पहलेThanks for sharing 🙌
Sanjay Patel
1 महीने पहलेLoved this ❤️
गुजरात के राजकोट जिले में करीब 2500 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले ने बैंकिंग सेक्टर और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को हिला कर रख दिया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण ऑनलाइन धोखाधड़ी नहीं थी, बल्कि एक संगठित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
निजी बैंकों के अधिकारी भी शामिल
राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर के अनुसार, इस मामले में तीन बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा शामिल है
पुलिस का आरोप है कि इन अधिकारियों ने फर्जी खातों को खुलवाने, उन्हें एक्टिव रखने और संदिग्ध लेन-देन को सिस्टम से बचाने में मदद की।
फर्जी दस्तावेजों से खुलवाए गए खाते
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने नकली पहचान पत्र, फर्जी दस्तावेज और गलत सत्यापन प्रक्रिया का इस्तेमाल करके कई बैंक खाते खुलवाए। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।
मौलिक कामानी पर आरोप है कि उन्होंने पहले गिरफ्तार आरोपियों की मदद कर संदिग्ध खातों को संचालित किया और बड़े ट्रांजैक्शन पर आने वाले बैंक अलर्ट को बायपास कराया।
हवाला चैनल से भेजी गई रकम
पुलिस के अनुसार, खातों से निकाली गई नकदी को आगे हवाला नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता था। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।
अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान की है। वहीं राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
इतने बड़े घोटाले में बैंक अधिकारियों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम की आंतरिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते यह नेटवर्क पकड़ा नहीं जाता तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
फिलहाल पुलिस और साइबर क्राइम टीमें पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा इस घोटाले से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।





