TCS Nashik Case: फरार आरोपी निदा खान गिरफ्तार

Aarav Sharma
1 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Anil Sen
11 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Krishna Yadav
13 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Kabir Shukla
15 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Sonu rai
16 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) यूनिट से जुड़े कथित धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रही आरोपी निदा खान को मुंबई पुलिस और नासिक क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले कई दिनों से कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में अपने रिश्तेदारों के साथ छिपकर रह रही थी। पुलिस लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी और आखिरकार देर रात ऑपरेशन चलाकर उसे हिरासत में लिया गया।
संयुक्त ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी, फ्लैट में रिश्तेदारों संग छिपी थी आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार निदा खान के साथ उसकी मां, पिता, भाई और अन्य करीबी रिश्तेदार भी उसी फ्लैट में मौजूद थे। जांच एजेंसियों को पहले से शक था कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रही है और करीबी लोगों की मदद से पुलिस कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रही है। नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की टीम ने कई दिनों तक इलाके की रेकी की, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर ट्रांजिट वारंट प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया गया।
25 मार्च से फरार थी निदा खान
जांच एजेंसियों के मुताबिक मामला सामने आने के बाद से ही निदा खान पुलिस के रडार पर थी। 25 मार्च 2026 के बाद से वह लगातार फरार चल रही थी। पुलिस की कई टीमें महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में उसकी तलाश कर रही थीं। इस दौरान आरोपी ने अग्रिम जमानत लेने की कोशिश भी की, लेकिन नासिक रोड कोर्ट ने उसकी एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी थी।
कोर्ट में SIT ने किया जमानत का विरोध
इस मामले की सुनवाई के दौरान SIT की ओर से ACP संदीप मिटके ने अदालत में जांच रिपोर्ट पेश की थी। सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पर पीड़िता को धार्मिक तौर-तरीकों के लिए प्रभावित करने, धार्मिक एप डाउनलोड कराने और कई संदिग्ध लिंक भेजने जैसे गंभीर आरोप हैं। साथ ही जांच एजेंसियों ने दावा किया कि मामले में कई डिजिटल चैट, मोबाइल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
मलेशिया कनेक्शन और डिजिटल नेटवर्क की भी जांच
सरकारी वकील ने अदालत में यह भी बताया कि इस पूरे मामले में कथित विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है। कोर्ट में मालेगांव और मलेशिया लिंक का जिक्र भी हुआ। हालांकि अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं नौकरी और प्रमोशन के नाम पर संगठित गतिविधियां तो नहीं चलाई जा रही थीं।
पीड़िता के बयान और मोबाइल चैट बने अहम सबूत
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता के बयान, मोबाइल चैट, डिजिटल मैसेज और परिवार के सदस्यों के बयान इस केस में बेहद महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि पीड़िता का नाम बदलने और कुछ दस्तावेज आरोपी पक्ष के पास होने जैसी जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई नए खुलासे हो सकते हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस हाई-प्रोफाइल केस में निदा खान से पहले कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रज़ा मेमन, तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और आश्विन जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से कुछ लोग कंपनी की POSH कमेटी से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- बेहद गंभीर मामला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी संगठित नेटवर्क या कॉर्पोरेट स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों के संकेत मिलते हैं, तो सरकार इसकी जड़ तक जाएगी। मुख्यमंत्री ने TCS प्रबंधन द्वारा पुलिस जांच में सहयोग करने की भी सराहना की।
रिश्तेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अब उन रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जो आरोपी के साथ फ्लैट में रह रहे थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उन्हें आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी थी और क्या उन्होंने जानबूझकर उसे शरण दी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आज कोर्ट में पेशी, पुलिस मांग सकती है कस्टडी
गिरफ्तारी के बाद अब सबसे ज्यादा नजर आरोपी की कोर्ट पेशी पर टिकी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस आरोपी की कस्टडी मांग सकती है ताकि फरारी, डिजिटल संपर्कों और कथित नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस केस में अभी कई अहम खुलासे बाकी हैं।








