Three Indians rescued in Kenya: केन्या में अगवा तीन भारतीयों की सुरक्षित वापसी

Anil Sen
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Reyansh Joshi
8 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ritika Ghosh
9 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ada khan
11 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ritika Ghosh
12 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Nisha Shah
13 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Monika Das
14 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nisha Shah
14 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
केन्या में अगवा किए गए पंजाब के तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाकर भारत वापस भेज दिया गया है। नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने 17 सितंबर 2026 को इसकी पुष्टि की। उच्चायोग ने बताया कि उसने केन्याई अधिकारियों, खासकर Directorate of Criminal Investigations यानी DCI के साथ मिलकर तीनों नागरिकों के बचाव, सुरक्षा और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी कराई। केन्याई एजेंसी ने भी अपनी कार्रवाई को खुफिया जानकारी और समन्वित जांच पर आधारित बताया है।
5 अगस्त को नैरोबी एयरपोर्ट पहुंचे थे
DCI के अनुसार तीनों भारतीय नागरिक 5 अगस्त 2026 को नैरोबी के Jomo Kenyatta International Airport यानी JKIA पहुंचे थे। एयरपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वे एक टैक्सी से रवाना हुए थे। इसके बाद तीनों से संपर्क टूट गया और वे लापता हो गए। जांच में सामने आया कि उन्हें कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति ने रिसीव किया था, जो रुइरू इलाके में उनका इंतजार कर रहा था।
रुइरू के एक मकान से हुआ रेस्क्यू
केन्या के Directorate of Criminal Investigations की Operations Support Unit ने खुफिया जानकारी के आधार पर 11 अगस्त को कार्रवाई की। टीम ने किआम्बू काउंटी के रुइरू के फोर्ट जीसस इलाके में स्थित एक दो-बेडरूम मकान पर छापा मारा। इसी कार्रवाई के दौरान तीनों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बरामद किया गया। DCI ने बताया कि उन्हें कथित तौर पर वहां संपर्क से पूरी तरह अलग रखे जाने की स्थिति में रखा गया था।
मानव तस्करी का संदिग्ध मामला
प्रारंभिक जांच में मामला संभावित मानव तस्करी से जुड़ा होने की बात सामने आई। DCI के अनुसार संदिग्धों ने पूछताछ में दावा किया था कि वे तीनों भारतीयों को इथियोपिया के रास्ते इटली भेजने में मदद कर रहे थे। हालांकि यह आरोप और पूछताछ में सामने आए दावे जांच का हिस्सा हैं और इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
छह संदिग्धों पर कार्रवाई
केन्याई जांच एजेंसी ने इस मामले में छह संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इनमें एक भारतीय नागरिक, दो पाकिस्तानी नागरिक और दो केन्याई नागरिक शामिल थे, जबकि एक केन्याई नाबालिग भी मौके पर मिला था। मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित मानव तस्करी नेटवर्क और तीनों भारतीयों को विदेश भेजने से जुड़े दावों की पड़ताल की। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
भारतीय उच्चायोग की मदद से हुई स्वदेश वापसी
रेस्क्यू के बाद भारतीय उच्चायोग ने तीनों नागरिकों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में केन्याई अधिकारियों के साथ समन्वय किया। 17 सितंबर को उच्चायोग ने उनकी सुरक्षित repatriation की पुष्टि की और DCI की त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया। इस पूरे मामले में भारत और केन्या की एजेंसियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण रहा। तीनों भारतीय नागरिक अब सुरक्षित रूप से भारत वापस भेजे जा चुके हैं।








