पुलिस हिरासत में मौत का लगाया आरोप: तेजस्वी यादव ने NHRC को लिखा पत्र

तेजस्वी यादव ने NHRC को लिखा पत्र
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Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

1 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Kavya Mishra

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3 घंटे पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

3 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

5 घंटे पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

6 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

6 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

8 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Riya Jain

Riya Jain

8 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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बिहार के मधुबनी जिले में 19 वर्षीय युवक रोशन यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। रोशन यादव का शव 10 अगस्त को रामपट्टी स्थित मंडल कारागार में मिलने के बाद परिवार और विपक्ष की ओर से कई गंभीर सवाल उठाए गए। परिजनों और विपक्षी नेताओं ने युवक की मौत को कथित पुलिस हिरासत से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। इसी मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।


तेजस्वी यादव ने NHRC को लिखा पत्र
तेजस्वी यादव ने रोशन यादव की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आयोग से पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। तेजस्वी ने कहा कि कथित हिरासत में हुई मौत के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दबाव की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने और सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।


CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
तेजस्वी यादव ने मामले की जांच में CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए उसे सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवक की गिरफ्तारी से लेकर जेल में मौत होने तक की पूरी अवधि की CCTV रिकॉर्डिंग की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच किए जाने की मांग की गई है। तेजस्वी ने मजिस्ट्रेट जांच से जुड़े दस्तावेजों को भी NHRC के समक्ष प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सभी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रहने से घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। इस आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय करने में भी मदद मिल सकती है।

 

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने NHRC से दोषी पाए जाने वाले पुलिस और जेल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या मानवाधिकार उल्लंघन सामने आता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित वित्तीय मुआवजा देने की मांग भी उठाई है। तेजस्वी का कहना है कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए केवल जांच पर्याप्त नहीं होगी बल्कि दोषियों की जवाबदेही भी तय करनी होगी। उन्होंने मामले की निगरानी निष्पक्ष तरीके से किए जाने पर जोर दिया है। इस पूरे प्रकरण में अब NHRC की संभावित कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।


नीतीश-सम्राट सरकार पर तेजस्वी का हमला
रोशन यादव की मौत को लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और अफसरशाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की हिरासत में मौत के मामले को सामान्य घटना की तरह नहीं देखा जा सकता। विपक्ष इस मामले को विधानसभा के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर भी उठाने की तैयारी में है। तेजस्वी ने पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने और न्याय की लड़ाई जारी रखने की बात कही है।


मामले में स्वतंत्र जांच पर टिकी नजर
मधुबनी के इस मामले ने पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों और मानवाधिकारों से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। विपक्ष की ओर से स्वतंत्र जांच की मांग किए जाने के बाद अब मामले में प्रशासनिक और मानवाधिकार संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिकॉर्ड और मजिस्ट्रेट जांच से जुड़े दस्तावेजों की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है। तेजस्वी यादव ने NHRC से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है। अब इस मामले में जांच आगे बढ़ने और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार किया जा रहा है।

 

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Vaishali shinde

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Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

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1 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Kavya Mishra

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3 घंटे पहले

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Taushif Shekh

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3 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

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5 घंटे पहले

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6 घंटे पहले

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Saanvi Pandey

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6 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Trapti Tanwar

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8 घंटे पहले

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8 घंटे पहले

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