₹4.87 करोड़ की संपत्ति: पूर्व रेलवे अफसर पर केस,CBI ने दर्ज किया केस

पूर्व रेलवे अफसर पर केस,CBI ने दर्ज किया केस
प्रतिक्रियाएँ
Arjun Singh

Arjun Singh

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

1 दिन पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Anjali Patil

Anjali Patil

1 दिन पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 दिन पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Ada khan

Ada khan

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने उत्तर रेलवे के पूर्व सीनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर साकेत चंद्र श्रीवास्तव और उनकी पत्नी सौम्या श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। CBI के मुताबिक 1 अप्रैल 2021 से 6 अप्रैल 2025 के बीच दंपति की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई। इस अवधि में उनकी कुल संपत्ति करीब ₹1.49 करोड़ से बढ़कर ₹7.56 करोड़ हो गई। जांच एजेंसी ने उनकी वैध आय और खर्च का वित्तीय आकलन किया। इसके बाद करीब ₹4.87 करोड़ की Disproportionate Assets का मामला सामने आया। मामले की जांच CBI की नई दिल्ली स्थित Anti-Corruption Branch-1 कर रही है।


चार साल में संपत्ति में भारी इजाफा
CBI की FIR के अनुसार जांच अवधि के दौरान श्रीवास्तव दंपति की संपत्ति में करीब ₹6 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई। जांच एजेंसी ने इस अवधि में उनकी कुल कानूनी आय लगभग ₹1.80 करोड़ आंकी है। वहीं परिवार का खर्च करीब ₹60.22 लाख बताया गया है। इस हिसाब से उनकी संभावित वैध बचत करीब ₹1.19 करोड़ होनी चाहिए थी। लेकिन जांच में इससे कहीं अधिक संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। CBI ने ₹4,87,06,993 यानी करीब ₹4.87 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है।


पत्नी भी FIR में आरोपी
CBI ने पूर्व रेलवे अधिकारी साकेत चंद्र श्रीवास्तव के साथ उनकी पत्नी सौम्या श्रीवास्तव को भी मामले में आरोपी बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि सौम्या श्रीवास्तव ने कथित तौर पर अपने पति को आय से अधिक संपत्ति जुटाने में मदद की। यह मामला Prevention of Corruption Act के तहत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी अब कथित अवैध संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। आगे की जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

 

2025 की छापेमारी से जुड़ी जांच
इस मामले की पृष्ठभूमि में अप्रैल 2025 में हुई CBI की छापेमारी भी अहम मानी जा रही है। उस समय पूर्व रेलवे अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर जांच एजेंसी ने कार्रवाई की थी। छापेमारी के दौरान बेहिसाबी नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच एजेंसी के हाथ लगे थे। अब नई FIR में इन वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। CBI यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अतिरिक्त संपत्ति किस स्रोत से अर्जित की गई।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
CBI की Anti-Corruption Branch-1 ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह FIR दर्ज की है। जांच एजेंसी ने अधिकारी की ज्ञात वैध आय, पारिवारिक खर्च और कुल संपत्ति के बीच अंतर का आकलन किया है। इसी वित्तीय आकलन के आधार पर करीब ₹4.87 करोड़ की Disproportionate Assets का आरोप लगाया गया है। CBI अब संपत्ति खरीद, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


CBI जांच में आगे क्या?
FIR दर्ज होने के बाद CBI अब कथित आय से अधिक संपत्ति के पूरे नेटवर्क की जांच करेगी। एजेंसी बैंक खातों, संपत्ति खरीद, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर सकती है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कथित संपत्ति सीधे आरोपियों के नाम पर है या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से अर्जित की गई। पूर्व रेलवे अधिकारी के कार्यकाल से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। यदि जांच में अन्य संदिग्ध लेनदेन या लोगों की भूमिका सामने आती है तो CBI आगे भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पूरे प्रकरण की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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Arjun Singh

Arjun Singh

1 दिन पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

1 दिन पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Vihaan Patel

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1 दिन पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Anjali Patil

Anjali Patil

1 दिन पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 दिन पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

1 दिन पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Ada khan

Ada khan

1 दिन पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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