NCW takes suo motu cognizance of Delhi case: नाबालिग गैंगरेप-हत्या पर NCW सख्त

नाबालिग गैंगरेप-हत्या पर NCW सख्त
प्रतिक्रियाएँ
Monika Das

Monika Das

11 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

12 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

14 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

14 घंटे पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Neel Saxena

Neel Saxena

15 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

17 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

17 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

19 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

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दिल्ली के आउटर नॉर्थ इलाके के स्वरूप नगर में 16 साल की किशोरी के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, किशोरी का शव 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक खेत से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद की जांच में मृतका की पहचान एक नाबालिग लड़की के रूप में हुई। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान आसपास लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस के मुताबिक तकनीकी जांच और संदिग्ध टेंपो की आवाजाही के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। मामले में अब चार आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।


राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग यानी NCW ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की समयबद्ध और गंभीर जांच सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने पुलिस से मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर देने को कहा है। NCW ने जांच के दौरान सभी फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है। आयोग ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। इसके अलावा पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आवश्यक सहायता को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।


POCSO और BNS के तहत कार्रवाई पर जोर
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने यह भी कहा है कि जिन आरोपियों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है, उनके मामले में कानून के तहत आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाए। किशोर आरोपियों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। NCW ने पुलिस से जांच को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है। मामले की जांच में फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस द्वारा बरामद सामग्री और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।

 

चार आरोपी पुलिस की हिरासत में
पुलिस के अनुसार, मामले में चार आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें एक 19 वर्षीय युवक और तीन नाबालिग शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस ने दो चाकू और आरोपियों के कथित तौर पर घटना के समय पहने कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की और संदिग्ध टेंपो की आवाजाही को ट्रैक किया। पुलिस के अनुसार, इसी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान तक पहुंच बनाई गई। हालांकि मामले में सामने आए आरोपों और बरामद साक्ष्यों की अंतिम कानूनी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस मामले के घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।


परिवार को सुरक्षा और कानूनी सहायता की मांग
NCW ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। आयोग ने मामले की जांच में किसी भी महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य को नष्ट या प्रभावित होने से बचाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कानून के अनुसार पीड़ित परिवार को उपलब्ध सहायता और मुआवजे के संबंध में भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। महिला आयोग की ओर से दिल्ली पुलिस से सात दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के जरिए आयोग मामले में अब तक हुई पुलिस कार्रवाई की स्थिति जानना चाहता है। मामले की जांच फिलहाल जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।


जांच पर NCW की निगरानी
राष्ट्रीय महिला आयोग के स्वतः संज्ञान के बाद अब मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के सामने भी रखी जाएगी। NCW ने दिल्ली पुलिस से समयबद्ध जांच के साथ आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने विशेष रूप से फोरेंसिक साक्ष्यों के संरक्षण पर जोर दिया है, ताकि जांच में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण सुरक्षित रहें। पुलिस की ओर से आरोपियों को पकड़े जाने और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है। मामले में एक आरोपी बालिग और तीन आरोपी नाबालिग बताए गए हैं। अब जांच एजेंसियां आरोपों, साक्ष्यों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा रही हैं।

 

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Monika Das

Monika Das

11 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

12 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Pranav Srivastava

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14 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Anjali Patil

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14 घंटे पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Neel Saxena

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15 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Yash Kulkarni

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17 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Tanya Bajaj

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17 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Vivaan Gupta

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19 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

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