भीमा अहिरवार हत्याकांड: इटारसी में आरोपी के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

Comments
No comments yet. Be the first!
मध्य प्रदेश के इटारसी शहर में शुक्रवार दोपहर प्रशासन ने भीमा अहिरवार हत्याकांड के मुख्य आरोपी नरेंद्र उर्फ टोबा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके अवैध निर्माण को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सूरजगंज बांस डिपो के पास स्थित आरोपी के अतिक्रमण वाले हिस्से पर की गई।
नोटिस के बाद नगर पालिका ने लिया एक्शन
नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को पहले ही अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाने पर शुक्रवार को नगर पालिका की टीम ने पुलिस सुरक्षा के बीच बुलडोजर कार्रवाई की।
सुरक्षा के लिए मुख्य मार्ग किया गया बंद
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। मौके पर एसडीएम वीरेंद्र कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर लोगों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया।
शौचालय विवाद में हुई थी बेरहमी से हत्या
यह पूरा मामला 14 और 15 अप्रैल की रात हुए विवाद से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेंद्र चौधरी उर्फ टोबा का पड़ोसी भीमा उर्फ भूरा अहिरवार से घर के बाहर बने बाथरूम और शौचालय को हटाने को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामूली कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई।
मिर्च पाउडर डालकर किया हमला
आरोप है कि नरेंद्र ने पहले भीमा की आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि भीमा को 10 से ज्यादा चाकू मारे गए, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बीच-बचाव करने आई भतीजी पर भी हमला
घटना के दौरान मृतक की भतीजी ज्योति चौधरी बीच-बचाव करने पहुंची थी। आरोपी ने उसकी आंखों में भी मिर्ची पाउडर डालकर हमला करने की कोशिश की, जिससे वह घायल हो गई।
आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की
पुलिस जांच में घटनास्थल से टूटा शौचालय और खून के निशान मिले। आरोप है कि आरोपी पक्ष ने पानी डालकर सबूत मिटाने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी नरेंद्र और उसके सहयोगी शैलेंद्र को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इलाके में दहशत, लोगों में गुस्सा
घटना की बेरहमी और उसके बाद प्रशासनिक बुलडोजर कार्रवाई से पूरे सूरजगंज इलाके में सनसनी का माहौल है। स्थानीय लोग दोषियों पर कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।








