Meerut Murder Verdict: मेरठ सांप कांड में रविता-अमरदीप की सजा पर आज फैसला

Ada khan
15 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Navya Nair
1 दिन पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Vaishali shinde
1 दिन पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Arjun Singh
1 दिन पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Arjun Singh
1 दिन पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Ayaan Khan
1 दिन पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Ayaan Khan
1 दिन पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Neha Tripathi
1 दिन पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
अमित कश्यप हत्याकांड में सजा पर फैसले का इंतजार
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी करार दी गई रविता और अमरदीप की सजा को लेकर 16 अक्टूबर को अदालत के फैसले पर नजरें टिकी हैं। मामले को ‘सांप कांड’ के नाम से जाना जाता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की हत्या के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। दोनों आरोपियों को 7 अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था। अब अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा इस मामले की अगली अहम कड़ी है।
हत्या को सर्पदंश दिखाने की कोशिश का आरोप
यह मामला 12 अप्रैल 2025 की रात मेरठ के बहसूमा क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात गांव का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर अमित कश्यप की हत्या की थी। आरोप है कि वारदात के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने के लिए शव के पास एक सांप छोड़ा गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना बताया गया। जांच के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया था।
कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान बने अहम साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए। रिपोर्टों के अनुसार, हत्या वाली रात रविता और अमरदीप के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के अलावा, कुछ गवाहों ने कथित तौर पर अमरदीप को वारदात वाली रात अमित के घर से बाहर निकलते देखने की बात कही। इन्हीं साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी करार दिया।
नीले ड्रम हत्याकांड के फैसले के बाद चर्चा तेज
मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीले ड्रम कांड’ कहा जाता है, में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अमित कश्यप मामले की सजा को लेकर भी चर्चा बढ़ गई। दोनों मामलों में वैवाहिक संबंधों और कथित प्रेम संबंधों का पहलू सामने आया था, हालांकि दोनों की घटनाओं और साक्ष्यों को अलग-अलग कानूनी मामलों के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी मामले में सजा क्या होगी, इसका निर्णय अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, लागू कानून और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करके करती है।
अदालत के फैसले पर टिकी नजरें
रविता और अमरदीप की सजा के संबंध में 16 अक्टूबर को फैसले की जानकारी दी गई है। इस मामले में अंतिम सजा और अदालत के आदेश की पुष्टि आधिकारिक न्यायिक जानकारी से की जानी चाहिए। दोषियों को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है, लेकिन सजा की अवधि या उसके स्वरूप को लेकर अदालत का वास्तविक आदेश ही निर्णायक होगा। मामले का फैसला पीड़ित परिवार को न्याय मिलने और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







