India US Trade Deal: भारत चाहता है ट्रेड डील में Forward MFN

Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Riya Jain
33 मिनट पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Payal jadon
1 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Sneha Menon
2 घंटे पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत जारी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे, जहां वह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिशन ग्रीर के साथ व्यापार मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों ने फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा जारी की थी और व्यापक BTA पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी।
क्या है Forward MFN Forward Most-Favoured-Nation यानी Forward MFN एक प्रस्तावित व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य भविष्य में अमेरिका द्वारा किसी अन्य देश को दी जाने वाली बेहतर टैरिफ दर या व्यापारिक रियायत का लाभ भारत को भी उपलब्ध कराने की दिशा में सुरक्षा देना है। हालांकि मौजूदा भारत-अमेरिका ढांचे में Forward MFN को अंतिम रूप से शामिल किए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे फिलहाल बातचीत में शामिल एक प्रस्ताव के तौर पर समझना चाहिए।
भारत क्यों चाहता है यह प्रावधान अमेरिकी टैरिफ नीति में अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के कारण बदलाव की संभावना को देखते हुए भारत अपने निर्यातकों के लिए अधिक निश्चितता चाहता है। भारत की चिंता यह है कि भविष्य में अमेरिका किसी दूसरे व्यापारिक साझेदार को भारत से बेहतर दर या शर्तें देता है तो भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान हो सकता है। Forward MFN जैसी व्यवस्था होने पर ऐसी स्थिति में समान या बेहतर शर्तों का लाभ भारत को भी मिल सकेगा, यदि समझौते में इसका प्रावधान स्वीकार किया जाता है।
क्या इससे मिलेगी लाइफटाइम छूट Forward MFN को सीधे तौर पर 'लाइफटाइम टैक्स छूट' कहना सही नहीं होगा। इसका संभावित उद्देश्य किसी निश्चित अवधि के लिए स्थायी छूट देने के बजाय भविष्य में मिलने वाली बेहतर व्यापारिक शर्तों को भारत तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाना है। फरवरी 2026 के अंतरिम ढांचे में अमेरिका ने भारतीय मूल के कुछ सामानों पर 18 प्रतिशत reciprocal tariff लागू करने और कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क हटाने की बात कही थी, लेकिन अंतिम BTA की शर्तों पर आगे बातचीत जरूरी है।
ट्रेड डील में भारत की प्राथमिकता भारत और अमेरिका के बीच अप्रैल 2026 में हुई बातचीत में बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाओं, तकनीकी बाधाओं, सीमा शुल्क, निवेश और डिजिटल व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। जून में भारत सरकार ने भी कहा था कि दोनों देश प्रस्तावित Section 301 टैरिफ और व्यापक व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए संपर्क में हैं। ऐसे में Forward MFN जैसी मांग को भारत की ओर से भविष्य की टैरिफ अनिश्चितता से सुरक्षा हासिल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।








