Shalu Released: विनीत मिनोचा हत्याकांड में 21 दिन बाद शालू जेल से रिहा

विनीत मिनोचा हत्याकांड में 21 दिन बाद शालू जेल से रिहा
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Sonu rai

Sonu rai

0 सेकंड पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

54 मिनट पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

3 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

5 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

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21 दिन बाद जेल से रिहा हुई शालू
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बनाई गई उनकी बहू शालू मिनोचा को 21 दिन बाद जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद शालू के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। रिपोर्ट में हत्या की साजिश में उनकी भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए शालू को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। सोमवार शाम करीब 7:30 बजे जेल से बाहर आने के बाद शालू अपने मायके वालों के साथ लखनऊ चली गईं।

 

पुलिस जांच के बाद दाखिल हुई क्लोजर रिपोर्ट
5 सितंबर को हुई विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान शालू को भी आरोपी बनाया था। बाद की विवेचना में पुलिस ने शालू की भूमिका को लेकर पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए और उनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश की। अदालत के आदेश के अनुसार, भविष्य में यदि कोर्ट या विवेचक की ओर से बुलाया जाता है तो शालू को जांच में शामिल होने के लिए पेश होना होगा।

 

परिवार और अधिवक्ता ने जताई संतुष्टि
जेल से रिहाई के बाद शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने कहा कि परिवार को पुलिस की विवेचना और कानून-व्यवस्था पर भरोसा था और निष्पक्ष जांच के बाद उनकी बहन घर लौट सकीं। उनके अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने भी कहा कि शुरुआत से उनका पक्ष था कि शालू के खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं था। उन्होंने पुलिस की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने को मामले में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

हत्याकांड की जांच जारी रहने की स्थिति
शालू की रिहाई का आदेश उनके खिलाफ हत्या की साजिश से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर हुआ है। अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें आवश्यकता पड़ने पर जांच में शामिल होना होगा। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं पर जांच जारी रह सकती है।

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Sonu rai

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Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Nisha Shah

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54 मिनट पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Dhruv Bhatt

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2 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Pranav Srivastava

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3 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Kavya Mishra

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5 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

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