Indian Share Market: शेयर बाजार में तेजी, Sensex-Nifty चढ़े

शेयर बाजार में तेजी, Sensex-Nifty चढ़े
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नई दिल्ली | 4 नवंबर 2026

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी का सिलसिला जारी रहा। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन BSE Sensex और NSE Nifty बढ़त के साथ खुले। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बेहतर वैश्विक संकेतों से बाजार को मजबूती मिली। दोनों प्रमुख इंडेक्स लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ आगे बढ़े। निवेशकों की नजर अब कंपनियों के दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों और अमेरिकी बाजार से मिलने वाले संकेतों पर है।

 

Sensex और Nifty में बढ़त

बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे Sensex 383.74 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.59 पर पहुंच गया। वहीं, Nifty 109.70 अंक यानी 0.46 प्रतिशत चढ़कर 23,921.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले मंगलवार को भी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। Sensex 1,225 अंक यानी 1.6 प्रतिशत बढ़कर 76,917.85 पर बंद हुआ था। वहीं, Nifty में 370 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,810.85 पर पहुंच गया था।

 

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार मजबूत

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की खरीदारी है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 6,837 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांच सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में पैसा लगाया है। इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा घरेलू बाजार में मांग और विदेशी निवेश का बढ़ता प्रवाह भी शेयर बाजार को सहारा दे रहा है।

 

रुपया मजबूत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

बाजार के लिए एक और अच्छी खबर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 94.74 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 102.71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतें कम होने से देश के आयात खर्च और महंगाई पर दबाव घटने की उम्मीद रहती है। इससे रुपये और शेयर बाजार को भी राहत मिल सकती है।

 

सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार

 

भारत के सेवा क्षेत्र से भी अच्छी खबर सामने आई है। HSBC के सर्विसेज PMI आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में भारत का सेवा क्षेत्र सूचकांक बढ़कर 55.8 पर पहुंच गया। सितंबर में यह 55.2 था। यह पिछले चार महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़त से पता चलता है कि होटल, बैंकिंग, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में कारोबार की गतिविधियां बेहतर हुई हैं। घरेलू मांग बढ़ने से नए कारोबार को फायदा मिला है। हालांकि, रोजगार के नए अवसर पैदा होने की रफ्तार धीमी रही और विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर में भी कमजोरी देखने को मिली।

 

कंपनियों से जुड़ी बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तेजी के बीच कई कंपनियां भी कारोबार और निवेश से जुड़ी अहम घोषणाओं के कारण चर्चा में हैं। Essar Renewables: कंपनी ने NHPC के साथ आंध्र प्रदेश में 300 मेगावाट के नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए बिजली खरीद समझौता (PPA) किया है। इस परियोजना में कंपनी करीब 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

Tata Motors: कंपनी ने अपने वैश्विक कमर्शियल वाहन कारोबार को मजबूत करने के लिए Iveco Group के अधिग्रहण की घोषणा की है।

Canva: कंपनी ने अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 22 प्रतिशत यानी 1,271 पदों में कटौती करने की घोषणा की है।

SBI: भारतीय स्टेट बैंक 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड से जुड़ी डेटा सुरक्षा घटना की जांच कर रहा है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि इस घटना में ग्राहकों की जानकारी किस हद तक प्रभावित हुई।

 

आज इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर

बुधवार को कई बड़ी कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 के नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें BSE, Lenskart, Nykaa, Dabur India, Apollo Hospitals, Apollo Tyres, Torrent Power, Biocon, Torrent Pharma, Shipping Corporation of India और PhysicsWallah जैसी कंपनियां शामिल हैंl निवेशक इन कंपनियों के मुनाफे, बिक्री, खर्च और आने वाले महीनों के कारोबार से जुड़े अनुमान पर नजर रखेंगे। इन नतीजों का असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है।

 

अमेरिकी चुनाव और वैश्विक बाजार का असर

भारतीय बाजार पर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का भी असर पड़ रहा है। अमेरिका में मिडटर्म चुनावों से जुड़े शुरुआती संकेतों के बाद डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में तेजी देखने को मिली। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों की उम्मीद से दुनिया भर के सोलर ऊर्जा से जुड़े शेयरों में भी तेजी आई।

 

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, निवेशकों को अमेरिकी चुनावों के नतीजों, रुपये की चाल और वैश्विक बाजार की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी। बाजार में तेजी के बावजूद निवेश से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी है।

 

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