Dhirendra Shastri Controversy: राम-कृष्ण पर टिप्पणी से घिरे बागेश्वर बाबा, विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल

राम-कृष्ण पर टिप्पणी से घिरे बागेश्वर बाबा, विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल
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बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर बढ़ा सियासी विवाद
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में श्रीराम कथा के दौरान दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संत समाज और राजनीतिक गलियारों में विरोध शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ईशनिंदा बताते हुए धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सांसद पप्पू यादव ने बाबा बागेश्वर के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

पप्पू यादव ने दिल्ली पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत शिकायत देकर दिल्ली पुलिस से FIR दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पप्पू यादव के मुताबिक, यदि पुलिस शिकायत पर FIR दर्ज नहीं करती है तो वह अदालत का रुख करेंगे।

 

राम सीधे, कृष्ण टेढ़े... बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान हुई। 29 अक्टूबर को कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की। उन्होंने अयोध्या और भगवान राम को सीधा, जबकि वृंदावन और भगवान कृष्ण को टेढ़ा बताया। इसी क्रम में बांसुरी बजाने और धनुष चलाने को लेकर भी तुलना की गई।

बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ब्रज क्षेत्र के संतों और यादव समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। विरोध करने वालों का कहना है कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही सनातन परंपरा के आराध्य हैं। उनके बीच इस तरह की तुलना करना धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकता है। धीरे-धीरे यह मामला धार्मिक बहस से निकलकर राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया।

 

अखिलेश यादव बोले- ईशनिंदा के लिए कभी माफी नहीं
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मानवीय भूलों के लिए क्षमा किया जा सकता है, लेकिन ईशनिंदा के लिए कभी नहीं। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों के सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं, उन्हें नई अनुमति न दी जाए और सार्वजनिक जीवन में उनका पूर्ण बहिष्कार किया जाए।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पूरे देश में उनके कार्यक्रमों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना समाज के लिए बेहतर होगा। उन्होंने वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए मामले की गहरी जांच और उच्चतम स्तर पर संज्ञान लेने की अपील की। इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि सनातन समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

 

तेजस्वी यादव बोले- पहले इंसान, अब भगवान को बांटने लगे
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लोक एकता और समता का प्रतीक बताते हुए टिप्पणी को अशोभनीय, अक्षम्य और अमर्यादित बताया। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राम और कृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं और आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले इंसानों को बांटते थे, अब भगवान को बांटने लगे हैं।

तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोक समता और सनातनी एकता को खंडित करने वाले व्यक्ति के संरक्षकों को सामने आकर देश, समाज और सनातनियों से माफी मांगनी चाहिए।

 

प्रियंका चतुर्वेदी और महुआ मोइत्रा ने बीजेपी से पूछे सवाल
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, ‘राम भी मेरे, श्याम भी मेरे, जो भेदभाव करे, अज्ञान से हैं भरे।’ अपने संदेश के जरिए उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण को अलग-अलग खेमों में बांटने की कोशिश पर आपत्ति जताई।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर इस तरह की बातें करने वाले व्यक्ति पर बीजेपी चुप क्यों है? महुआ ने कहा कि अगर किसी अन्य व्यक्ति ने ऐसी बात कही होती तो बीजेपी से जुड़े लोग बड़ा विरोध करते। उन्होंने बीजेपी से यह भी पूछा कि क्या वह अपने कथित समर्थक बाबा को नियंत्रित नहीं कर सकती?

 

भूपेश बघेल ने भी साधा निशाना
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी धीरेंद्र शास्त्री पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि कोई तो केमिकल लोचा है और उनकी रेबीज आदि की जांच करवाना ठीक होगा। बघेल ने कहा कि अब भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच फर्क बताया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू-हिंदू करने वाले बाबा अब हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ा रहे हैं। बघेल ने सवाल किया कि हिंदू धर्म के ठेकेदार कहां हैं और क्या उनकी भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं?

 

संत समाज और यादव समाज ने भी जताई आपत्ति
ब्रज क्षेत्र के संतों और यादव समाज के कुछ लोगों ने भी धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। विरोध के दौरान प्रदर्शन और पुतला दहन भी किया गया। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी और माफी मांगी।

उन्होंने कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। वह खुद भगवान ठाकुर जी और ब्रज के भक्त हैं तथा भगवान राम और भगवान कृष्ण में भेद पैदा करने का उनका कोई इरादा नहीं था। धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी टिप्पणी को एक प्रचलित पद और उसकी व्याख्या से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने यह बात भाव और विनोद में कही थी। उन्होंने माना कि उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लोग पूरा वीडियो देखने के बजाय उसका एक हिस्सा देखकर उन्हें कृष्ण विरोधी बता रहे हैं।

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