ED raids: कर्नाटक से महाराष्ट्र तक ED की कार्रवाई

Tanya Bajaj
11 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Vaishali shinde
11 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Arjun Singh
11 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Riya Jain
11 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Sneha Menon
11 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Ananya Sharma
14 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Trapti Tanwar
15 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Sneha Menon
16 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Yash Kulkarni
16 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Harsh Pandya
17 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Dhruv Bhatt
18 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Neel Saxena
18 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार 9 सितंबर 2026 को कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी और चिक्कोड़ी लोकसभा सांसद प्रियंका जारकीहोली तथा उनसे जुड़े अन्य लोगों के परिसरों पर तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार करीब 18 परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है, जिसमें बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित मंत्री का आवास और प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। इसके अलावा बेलगावी में मंत्री के रिश्तेदार और आबकारी विभाग के अधिकारी वाईडी मंजुनाथ से जुड़े परिसरों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। ED की यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी, कर्नाटक से महाराष्ट्र तक पहुंची जांच
ED की कार्रवाई कर्नाटक के बेंगलुरु, बेलगावी और गोकाक समेत कई स्थानों तक फैली है और महाराष्ट्र में भी कुछ परिसरों की तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 18 स्थानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड समेत अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। एजेंसी इस कार्रवाई के जरिए कथित वित्तीय लेनदेन और धन के ट्रेल से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। कुछ रिपोर्टों में इसे विदेशी निवेश और विदेशों में धन के संभावित ट्रांसफर से जुड़ी जांच बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में एक्साइज लाइसेंस से जुड़ी कथित अनियमितताओं और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का उल्लेख है। इसलिए फिलहाल जांच के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर किसी आरोप को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
विदेशी धन के संभावित ट्रेल की पड़ताल में जुटी एजेंसी
ED की जांच में कथित तौर पर ऐसे वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है जिनका संबंध विदेशों में धन के ट्रांसफर या विदेशी निवेश से हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर बार लाइसेंस जारी करने में अनियमितताओं से कोई अवैध धन उत्पन्न हुआ और क्या उस धन को आगे विदेश भेजा गया। एजेंसी पुराने तलाशी अभियानों के दौरान मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड को भी मौजूदा जांच से जोड़कर देख रही है। हालांकि अभी तक तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ और जांच में किस स्तर तक धन का ट्रेल सामने आया है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में सतीश जारकीहोली या उनके परिवार के खिलाफ किसी वित्तीय अपराध को सिद्ध तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।
जारकीहोली के रिश्तेदार मंजुनाथ भी जांच के दायरे में
मौजूदा ED कार्रवाई में सतीश जारकीहोली के रिश्तेदार और आबकारी विभाग के अधिकारी वाईडी मंजुनाथ से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। मंजुनाथ इससे पहले भी आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार और लाइसेंस से जुड़े मामले की ED जांच के दायरे में आ चुके हैं। ED ने जून में की गई पिछली कार्रवाई के दौरान कथित रिश्वत नेटवर्क और शराब लाइसेंस से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की थी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सतीश जारकीहोली से जुड़ी मौजूदा कार्रवाई उस पुराने आबकारी मामले से अलग नई जांच का हिस्सा है, जबकि मंजुनाथ दोनों जांचों में जांच के दायरे में हैं। इसी वजह से वर्तमान कार्रवाई को पुराने मामले की सीधी कार्रवाई मानना सही नहीं होगा।
कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल, BJP ने मांगा जवाब
ED की कार्रवाई के बाद कर्नाटक की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। NDTV के अनुसार कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर विपक्षी BJP ने कांग्रेस सरकार और जारकीहोली से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग की है। इन राजनीतिक आरोपों और प्रतिक्रियाओं के बीच ED की जांच अभी जारी है और एजेंसी की तलाशी से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के राजनीतिक आरोप को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
ED की कार्रवाई जारी, बरामदगी और जांच के नतीजे का इंतजार
कर्नाटक और महाराष्ट्र में करीब 18 परिसरों पर ED की तलाशी के दौरान एजेंसी दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में तलाशी से हुई किसी बड़ी बरामदगी या गिरफ्तारी की आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच का मुख्य उद्देश्य कथित वित्तीय लेनदेन, विदेशी धन के संभावित ट्रेल और उससे जुड़े लोगों की भूमिका को स्पष्ट करना बताया जा रहा है। सतीश जारकीहोली और प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई होने के कारण यह मामला कर्नाटक की राजनीति में भी महत्वपूर्ण बन गया है। हालांकि ED की तलाशी अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित नहीं करती और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एजेंसी की कार्रवाई जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।








