ग्वालियर के 70 वर्षीय CA से ₹21 करोड़ की साइबर ठगी: निवेश के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Aditya Verma
29 मिनट पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Myra Dubey
30 मिनट पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Aditya Verma
5 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से निवेश के नाम पर ₹21.05 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह राज्य में अब तक सामने आए सबसे बड़े साइबर निवेश घोटालों में से एक है। पीड़ित ग्वालियर के इंदरगंज क्षेत्र के निवासी हैं और मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से भी जुड़े हैं।
WhatsApp के जरिए शुरू हुआ निवेश का झांसा
जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित से WhatsApp के माध्यम से संपर्क किया और उन्हें ऑनलाइन निवेश का प्रस्ताव दिया। इसके बाद एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में पोर्टल पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीता गया।
फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर दिखाया ₹33 करोड़ का मुनाफा
पुलिस के अनुसार, ठगों ने एक नकली ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया था, जिसमें क्रिप्टो (USDT) और शेयर ट्रेडिंग का फर्जी डेटा दिखाया जाता था। पीड़ित के खाते में ₹33 करोड़ से अधिक का कथित मुनाफा प्रदर्शित किया गया, ताकि वे लगातार अधिक रकम निवेश करते रहें। बाद में उन्हें पता चला कि पूरा प्लेटफॉर्म ही फर्जी था।
100 से ज्यादा ट्रांजैक्शन में भेजी गई रकम
पिछले लगभग छह महीनों के दौरान पीड़ित ने अपने चार अलग-अलग बैंक खातों से 100 से अधिक ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹21.05 करोड़ कथित निवेश खातों में ट्रांसफर किए। जब निकासी (Withdrawal) संभव नहीं हुई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शुरू की जांच, ₹1.75 करोड़ फ्रीज
ग्वालियर साइबर क्राइम शाखा मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने अब तक विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब ₹1.75 करोड़ की राशि फ्रीज करवाई है। जांच अधिकारी डिजिटल ट्रेल, बैंक खातों और कथित म्यूल अकाउंट्स के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस की सलाह: ऊंचे मुनाफे के लालच से रहें सावधान
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया, WhatsApp या Telegram के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच करें और संदेह होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।








