ईरान पर अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला: 80 से ज्यादा ठिकानों पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक

Rohan Desai
1 हफ्ते पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
Monika Das
1 हफ्ते पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Payal jadon
2 हफ्ते पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Anika Rajput
2 हफ्ते पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों (Precision Munitions) से हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ईरान की प्रमुख सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। यह हाल के वर्षों में ईरान के खिलाफ सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों में से एक माना जा रहा है।
एयर डिफेंस और कमांड नेटवर्क को भारी नुकसान
CENTCOM के मुताबिक हमलों में ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defence Systems), कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटें और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों को अत्यधिक सटीकता के साथ निशाना बनाया गया।
IRGC की 60 से अधिक सैन्य नावें तबाह
अमेरिकी बयान के अनुसार, इस अभियान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी सैन्य नौकाएं भी नष्ट कर दी गईं। इन नौकाओं का उपयोग समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक अभियानों में किया जाता था। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे ईरान की समुद्री सैन्य क्षमता पर बड़ा झटका बताया।
सैन्य कार्रवाई के साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ाया
सैन्य हमलों के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाले प्रतिबंध छूट (Sanctions Waiver) लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम ईरान पर अधिकतम दबाव की नीति का हिस्सा है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य कार्रवाई और नए आर्थिक प्रतिबंधों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। क्षेत्र के कई देशों की नजर अब ईरान की संभावित प्रतिक्रिया और आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।
आधिकारिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
अमेरिका ने अभियान को सफल बताते हुए नुकसान का विस्तृत दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। ऐसे में घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।







